औरंगाबाद में प्रशांत किशोर के कार्यक्रम में बिजली गुल, भ्रष्टाचार और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा

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औरंगाबाद (बिहार): जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार, 3 सितंबर 2026 को औरंगाबाद पहुंचे। ब्लॉक मोड़ स्थित सम्राट अशोक भवन में उनके अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया था। हालांकि कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने और जनरेटर खराब रहने की वजह से काफी देर तक हॉल में अंधेरा छाया रहा। इससे वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशांत किशोर शाम करीब 3:50 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। बिजली व्यवस्था बहाल नहीं होने के कारण वह काफी देर तक हॉल में मौजूद रहे। बाद में जब पत्रकारों ने उनसे बातचीत और बाइट देने का आग्रह किया तो वह भवन के बाहर कैंपस में आए और मीडिया से बातचीत की।

बिजली गुल होने से कार्यक्रम की व्यवस्था पर उठे सवाल

कार्यक्रम में जनरेटर खराब होने के कारण बिजली नहीं आ सकी। नतीजा यह रहा कि समारोह में पहुंचे लोग काफी देर तक अंधेरे हॉल में बैठे रहे। हालात ऐसे बने कि प्रशांत किशोर मंच से अपना पूरा संबोधन भी नहीं कर सके।

बाद में वह हॉल से बाहर निकले और कैंपस में मौजूद पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। हालांकि मौके पर काफी भीड़ होने की वजह से मीडिया कर्मियों को भी सवाल पूछने में मुश्किल हुई। कई पत्रकार अपनी बात पूरी तरह रखने में कामयाब नहीं हो सके।

पीएम मोदी, लालू यादव और नीतीश कुमार पर निशाना

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार समेत कई नेताओं की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने बिहार की राजनीति में जाति और परिवारवाद को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उनका आरोप था कि कई नेता लंबे समय से जाति के नाम पर राजनीति करते रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने समाज के आम लोगों को आगे बढ़ाने के बजाय अपने परिवार के सदस्यों को राजनीतिक और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ाया।

प्रशांत किशोर ने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ जाति, पार्टी या धर्म के आधार पर वोट देने के बजाय अपने बच्चों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य को ध्यान में रखकर उम्मीदवार का चुनाव करें।

‘नेताओं से पूछिए कि आपके क्षेत्र में कितने लोगों को रोजगार मिला’

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को अपने विधायक, सांसद और मंत्रियों से यह सवाल पूछना चाहिए कि उन्होंने अपने क्षेत्र के कितने बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाया है।

उन्होंने अपने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े रोजगार के वादे का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह कम से कम 10 हजार लोगों को काम दिलाने की बात कर सकते हैं तो दूसरे जनप्रतिनिधियों से भी जनता को रोजगार को लेकर जवाब मांगना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई जनप्रतिनिधि रोजगार उपलब्ध कराने में नाकाम रहता है तो जनता को उससे सवाल करना चाहिए और अगले चुनाव में उसके प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

भ्रष्टाचार को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा

प्रशांत किशोर ने बिहार में भ्रष्टाचार को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करना आसान नहीं है और इसके लिए सिर्फ सरकार या किसी एक नेता को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकारी योजनाओं और खरीदारी में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने डस्टबिन की खरीद का उदाहरण देते हुए दावा किया कि करीब 1,500 रुपये की कीमत वाली वस्तु को 15 हजार रुपये के हिसाब से दिखाया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

तेजस्वी यादव और मंगल पांडेय की भूमिका की जांच की मांग

प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और भाजपा नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की भूमिका की जांच की मांग भी की।

उन्होंने दावा किया कि जिस अधिकारी का नाम वह फिलहाल सार्वजनिक नहीं करना चाहते, वह कथित घोटाले में अहम भूमिका में रहा है। प्रशांत किशोर के मुताबिक यह अधिकारी तेजस्वी यादव के कार्यकाल में भी महत्वपूर्ण पद पर था और मंगल पांडेय के कार्यकाल में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था।

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने मौके पर कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।

जाति की राजनीति पर भी साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में जातीय समीकरणों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जातियों के नाम पर नेता भले ही राजनीति करते दिखाई देते हों, लेकिन राजनीतिक परिवारों में अक्सर अपने परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश ज्यादा दिखाई देती है।

उन्होंने लालू प्रसाद यादव समेत कई नेताओं का नाम लिए बिना इस तरह की राजनीति पर निशाना साधा और कहा कि जनता को यह देखना चाहिए कि किसी नेता ने अपने समाज के आम लोगों के लिए वास्तव में क्या किया।

उनका कहना था कि नेता अपने परिवार और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, जबकि आम लोग जाति और पार्टी के नाम पर राजनीतिक झंडे उठाते रह जाते हैं।

‘बिहार के विकास के लिए पूंजी और प्रतिभा को रोकना होगा’

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के विकास के लिए राज्य से बाहर जाने वाली पूंजी और प्रतिभा को रोकना जरूरी है। उनके मुताबिक जब तक रोजगार और शिक्षा के पर्याप्त अवसर बिहार में नहीं बनेंगे, तब तक युवाओं का पलायन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में युवा रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में कम मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में सिर्फ नेताओं के अभिनंदन समारोह करने के बजाय लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार की चिंता करनी चाहिए।

अपराध के सवाल पर क्या बोले प्रशांत किशोर?

मीडिया ने प्रशांत किशोर से कुटुंबा में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर भी सवाल किया। पत्रकार ने पूछा कि इस मामले पर उनका क्या कहना है।

जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं नई बात नहीं रह गई हैं। उन्होंने पटना में एक नाबालिग लड़की से जुड़ी कथित घटना का भी जिक्र किया और सरकार तथा जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि जब जनता अपराधियों, माफियाओं और भ्रष्ट लोगों को चुनाव में समर्थन देती है तो बाद में बेहतर शासन की उम्मीद करना मुश्किल है। उनका कहना था कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ बदलाव के लिए पहले जनता को अपने राजनीतिक फैसलों पर विचार करना होगा।

‘2047 का इंतजार क्यों, विकास अभी चाहिए’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि विकास का इंतजार 2047 तक नहीं किया जा सकता।

उन्होंने सवाल उठाया कि आज युवाओं के पास रोजगार नहीं है, शिक्षा की व्यवस्था को लेकर समस्याएं हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में लोगों को वर्तमान की समस्याओं का समाधान चाहिए।

कार्यक्रम में मोबाइल चोरी और पॉकेटमारी की भी चर्चा

प्रशांत किशोर के अभिनंदन समारोह में जहां राजनीतिक मुद्दों पर खूब चर्चा हुई, वहीं कार्यक्रम की अव्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी।

भीड़ के बीच औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान प्रभारी, रफीगंज विधानसभा क्षेत्र से 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी रहे और मदनपुर प्रखंड की चेई नवादा पंचायत के मुखिया विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह का मोबाइल चोरी होने की बात सामने आई।

इसके अलावा भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोगों की जेब काटे जाने की भी जानकारी मिली। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।

कुल मिलाकर, प्रशांत किशोर का यह कार्यक्रम राजनीतिक बयानों के साथ-साथ बिजली व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और कथित चोरी-पॉकेटमारी की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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