गुरुआ में विकास को लेकर सियासी बयानबाजी तेज, विधायक उपेंद्र प्रसाद ने कुमार सर्वजीत पर साधा निशाना

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गया, बिहार: गुरुआ विधानसभा क्षेत्र में महादलित बस्तियों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुआ के भाजपा विधायक डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने बोधगया के विधायक कुमार सर्वजीत के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर राजनीतिक हताशा में बयान देने का आरोप लगाया है।

डॉ. उपेंद्र प्रसाद पहले औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के उम्मीदवार रह चुके हैं और विधान पार्षद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अपने जारी बयान में उन्होंने कहा कि गुरुआ क्षेत्र के विकास और महादलित टोलों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुमार सर्वजीत की टिप्पणी जमीनी हकीकत से ध्यान हटाने की कोशिश है।

डेढ़ किलो की फाइल में छिपी है वर्षों की समस्याएं

डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने कुमार सर्वजीत की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया, जिसमें गुरुआ विधानसभा क्षेत्र में सड़क और नाली से संबंधित करीब डेढ़ किलो वजन की फाइल का जिक्र किया गया था।

उन्होंने कहा कि फाइल का वजन देखने के बजाय उसमें दर्ज समस्याओं को समझने की जरूरत है। उनके मुताबिक महादलित बस्तियों में सड़क और जल निकासी की मांग कोई नई बात नहीं है। इन इलाकों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है।

भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच गुरुआ के तत्कालीन राजद विधायक विनय कुमार यादव के कार्यकाल में इन समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि अगर उस दौरान गरीब और वंचित बस्तियों में जरूरी विकास कार्य कराए गए होते तो आज सरकार के सामने इतनी बड़ी संख्या में योजनाओं की मांग रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यह फाइल केवल कागजों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि उन इलाकों में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का रिकॉर्ड है।

पूर्व विधायक के कार्यकाल पर उठाए सवाल

डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने कुमार सर्वजीत से सवाल किया कि अपनी पार्टी के पूर्व विधायक विनय कुमार यादव के कार्यकाल को लेकर उन्होंने कभी सवाल क्यों नहीं उठाया।

उन्होंने पूछा कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच विधानसभा में महादलित बस्तियों की पक्की सड़क, नाली और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर कितनी बार आवाज उठाई गई। उन्होंने विधायक निधि और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत महादलित बस्तियों को मुख्य सड़कों से जोड़ने तथा वहां विकास कार्य कराने को लेकर भी सवाल खड़े किए।

हालांकि ये सभी आरोप डॉ. उपेंद्र प्रसाद की ओर से लगाए गए हैं और उनके समर्थन में इस बयान में कोई स्वतंत्र सरकारी आंकड़ा या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।

विकास में भेदभाव का भी लगाया आरोप

भाजपा विधायक ने अपने बयान में पूर्व विधायक के कार्यकाल के दौरान विकास योजनाओं के चयन में कथित भेदभाव का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ इलाकों में सड़क और पक्की नालियों का निर्माण हुआ, जबकि दलित और महादलित बस्तियां जलजमाव और खराब रास्तों जैसी समस्याओं से जूझती रहीं।

डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधि पूरे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। विकास योजनाओं में किसी जाति या वर्ग के आधार पर अंतर नहीं होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार और पूर्व जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में महादलित तथा पिछड़े इलाकों को विकास की मुख्यधारा से पर्याप्त रूप से नहीं जोड़ा गया।

बिना भेदभाव हर बस्ती तक पहुंचेगा विकास

डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि गुरुआ की जनता ने बदलाव और न्याय के लिए जनादेश दिया है। उनका दावा है कि मौजूदा कार्यकाल में विकास योजनाओं को किसी जातीय या राजनीतिक भेदभाव के आधार पर नहीं देखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी फाइल का वजन काम में रुकावट नहीं बन सकता। उनका उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

भाजपा विधायक ने कुमार सर्वजीत को भी सलाह दी कि दूसरे विधानसभा क्षेत्र की विकास योजनाओं पर टिप्पणी करने के बजाय उन्हें अपनी पार्टी के पूर्व जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुआ में अब कथित तुष्टीकरण और पक्षपात की राजनीति का दौर खत्म होना चाहिए। महादलित बस्तियों, गांवों और टोलों में सड़क तथा नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का दावा उन्होंने किया।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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