औरंगाबाद (बिहार): औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को एक पुराने हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया गया। प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने एस.टी.आर.-206/01 और मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 452/2000 में सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बेला निवासी नौलाख यादव को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं आर्म्स एक्ट के मामले में पांच साल की सज़ा और 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता ने बताया कि बेला निवासी विशुनदेव यादव ने 29 अक्टूबर 2000 को इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि उनका छोटा भाई बबन यादव रात करीब 9 बजे खेत में पानी लगा रहा था। उसी दौरान नौलाख यादव ने हथियार से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
इस मामले में अदालत ने 1 जुलाई 2026 को नौलाख यादव को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। वहीं इस केस के अन्य आरोपी महेंद्र यादव, योगेंद्र यादव और लालदेव यादव को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने बरी कर दिया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
