गया जी (बिहार): चीनी के दाम में लगातार बढ़ोतरी और पेट्रोलियम पदार्थों में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, सुजीत गुप्ता, प्रद्युम्न दुबे और रूपेश चौधरी ने कहा कि इन दोनों मुद्दों का असर आम लोगों की रसोई और गाड़ियों, दोनों पर पड़ रहा है।
नेताओं ने कहा कि चीनी के दाम में करीब 32 प्रतिशत की वृद्धि से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। उनका कहना है कि महंगाई का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी दिखाई दे रहा है और बाजार में एक कप चाय की कीमत भी दोगुनी हो गई है।
कांग्रेस नेताओं ने पेट्रोलियम पदार्थों में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति से आम लोगों को दोहरा नुकसान हो रहा है। नेताओं के मुताबिक, एथेनॉल मिलाने के बाद गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और गाड़ियों की मशीनरी भी ज्यादा खराब हो रही है।
चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे एथेनॉल उत्पादन और कम बारिश का हवाला
नेताओं ने चीनी के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे दो प्रमुख कारण बताए। उनका कहना है कि गन्ने के उत्पादन का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे ज्यादा गन्ना उत्पादन वाले राज्यों में कम बारिश के कारण गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में नहीं किया जाए। उनका कहना है कि इससे चीनी की महंगाई कम करने में मदद मिलेगी और आम लोगों को राहत मिल सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे गाड़ियों को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
