मेदिनीनगर में राजीव गांधी की जयंती पर समारोह और सेमिनार का आयोजन

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झारखंड प्रदेश, 20 अगस्त 2026: राजीव गांधी के जन्मदिवस और सद्भावना दिवस के मौके पर झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति की ओर से गुरुवार को मेदिनीनगर के टाउन हॉल में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान “राजीव गांधी : व्यक्तित्व एवं कृतित्व” विषय पर सेमिनार भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र ने की।

समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और जनप्रिय नेता रामचंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं युवा नेता और झारखंड सरकार के पूर्व गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस संवाद के प्रधान संपादक श्याम नारायण सिंह ने किया। पलामू जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सचिव जैन रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने स्वागत अध्यक्ष की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम की शुरुआत हृदयानंद मिश्र द्वारा ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद टाउन हॉल में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का विधिवत उद्घाटन किया। हृदयानंद मिश्र ने मुख्य अतिथि रामचंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि राजीव रंजन प्रसाद को स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। वहीं बिट्टू पाठक और श्याम नारायण सिंह ने हृदयानंद मिश्र का स्वागत और अभिनंदन किया।

राजीव गांधी ने भारत को नई दिशा देने का काम किया : रामचंद्र सिंह

मुख्य अतिथि रामचंद्र सिंह ने कहा कि राजीव गांधी केवल पूर्व प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि आधुनिक भारत की आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने देश को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करने की कोशिश की। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, शिक्षा, पंचायती राज और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देकर उन्होंने देश के विकास को नई गति देने का काम किया।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का मानना था कि भारत की असली ताकत उसके युवाओं, गांवों और लोकतांत्रिक संस्थाओं में है। उनका सपना ऐसा भारत बनाने का था, जहां आधुनिक तकनीक का फायदा गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे और विकास में समाज के हर वर्ग की बराबर भागीदारी हो।

रामचंद्र सिंह ने कहा कि आज राजीव गांधी को याद करने का मतलब केवल उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेना भी है। सद्भावना दिवस हमें जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर देश की एकता और सामाजिक भाईचारे के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।

राजीव गांधी ने युवाओं में नए भारत का भरोसा जगाया : राजीव रंजन प्रसाद

विशिष्ट अतिथि राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी ने भारतीय राजनीति को नई ऊर्जा और नई सोच दी। उन्होंने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं माना, बल्कि उन्हें वर्तमान में भी सक्रिय भागीदार बनाया। मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करना उनके इसी भरोसे का उदाहरण था कि देश के युवा लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शिता का असर आज भारत की तकनीकी और डिजिटल क्षमता में दिखाई देता है। उनके समय में सूचना और संचार क्रांति की जो नींव रखी गई, उसने भारत को दुनिया में नई पहचान दिलाने में मदद की।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी के लिए राजनीति सत्ता हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि देश बनाने का माध्यम थी। उनकी सोच में आधुनिकता के साथ मानवीय संवेदना, विकास के साथ सामाजिक न्याय और प्रगति के साथ सद्भावना का संतुलन था। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को राजीव गांधी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

सेवा और जनकल्याण को मिशन बना रही विचार समिति : हृदयानंद मिश्र

अध्यक्षीय संबोधन में हृदयानंद मिश्र ने कहा कि राजीव गांधी के विचार केवल भाषणों और समारोहों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्हें जनसेवा के जरिए जमीन पर उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने बताया कि समिति अपने स्थापना काल से ही राजीव गांधी के विचारों को लोगों तक पहुंचाने के साथ सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देती रही है। समिति की ओर से मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निःशुल्क चिकित्सा और दवा वितरण, जल संरक्षण और वाटर कंजर्वेशन जैसे कई जनहित के काम किए गए हैं। आने वाले समय में इन गतिविधियों को और व्यापक रूप देने की बात भी उन्होंने कही।

हृदयानंद मिश्र ने कहा कि राजीव गांधी का सपना था कि विज्ञान, तकनीक और आधुनिक विकास का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। झारखंड जैसे राज्य में यह सपना तभी पूरा हो सकता है, जब गांव, गरीब, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाएं सम्मान के साथ विकास की मुख्यधारा में शामिल हों।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की विरासत देश को जोड़ने, युवाओं को अवसर देने और भारत को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने की विरासत है। सद्भावना दिवस पर सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के लिए फिर से संकल्प लेने की जरूरत है।

राजीव गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक : बिट्टू पाठक

स्वागत अध्यक्ष जैन रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने कहा कि राजीव गांधी की सोच अपने समय से आगे की थी। उन्होंने युवाओं और नई पीढ़ी में जो भरोसा पैदा किया, वही भारत के भविष्य की बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी विचार समिति उनके विचारों को समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।

राजीव गांधी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी : श्याम नारायण सिंह

कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्याम नारायण सिंह ने कहा कि राजीव गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर लगातार संवाद होना जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी आधुनिक भारत के निर्माण को लेकर उनके दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझ सके।

सेमिनार में अन्य वक्ताओं ने भी राजीव गांधी के व्यक्तित्व, कृतित्व, आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान और सामाजिक सद्भाव को लेकर उनके विचारों पर प्रकाश डाला। समारोह में कांग्रेस के पदाधिकारी, राजीव गांधी विचार समिति के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, युवा और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

समारोह को प्रेम भसीन हरिवंश प्रभात, चंद्रशेखर शुक्ला, रामाशीष पांडे, रामचंद्र दीक्षित, पंकज श्रीवास्तव, प्रो. स्वाति सहाय, सुरेश ठाकुर, जतरू उरांव, राजकुमार सिंह, सुमन तिर्की, सुरेंद्र भारती, रविंद्र राम, भृगुनाथ सिंह, गिरजाराम, संजीव मिश्रा, विनोद पाठक, सुनीता खलखो, सुधीर चंद्रवंशी, सुरेंद्र पांडे, शैलेश चंद्रवंशी, एडवोकेट अमित पांडे, सुखपाल सिंह नामधारी, सरदार अमरजीत सिंह, जितेंद्र सिंह उर्फ लांगटू सिंह, मुकेश सिंह, अमित सिंह, सुधीर कुमार तिवारी, अमित किशोर, प्रदोष चंद्रवंशी, अवधेश सिंह, नवल किशोर पाठक और अवध बिहारी सिंह सहित दर्जनों लोगों ने संबोधित किया।

कार्यक्रम के अंत में मौजूद लोगों ने राजीव गांधी के आदर्शों—सद्भावना, सामाजिक न्याय, आधुनिकता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता—को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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