टिकारी, गया। गया जिले के टिकारी प्रखंड सभागार में 13 सितंबर 2026 को 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय राजद विधायक अजय कुमार दांगी, 20 सूत्री समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा हुई। बैठक में कुछ मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिला।
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक अजय कुमार दांगी ने कहा कि टिकारी क्षेत्र का चौतरफा विकास उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सहयोग की भावना से काम करना चाहिए।
सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
विधायक ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक तभी पहुंच सकता है, जब संबंधित अधिकारी और अन्य जिम्मेदार लोग मिलकर काम करें। उन्होंने विकास कार्यों के लिए सरकारी स्तर पर राशि आवंटित किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित कार्यों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
नल-जल योजना का उल्लेख करते हुए विधायक ने इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि योजना पर सरकारी राशि खर्च की गई, लेकिन जमीन पर इसका कितना लाभ लोगों को मिल रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है।
सड़क जाम और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठा
बैठक में टिकारी शहर में सड़क जाम की समस्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठे। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की इन समस्याओं का जल्द समाधान कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टिकारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को वह पहले भी बिहार विधानसभा में उठाते रहे हैं और आगे भी क्षेत्र की समस्याओं को सदन के सामने रखने का काम जारी रहेगा।
20 सूत्री बैठक में थाना प्रभारी की गैरमौजूदगी पर सवाल
विधायक अजय कुमार दांगी ने बैठक में थाना अध्यक्ष की अनुपस्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 20 सूत्री जैसी महत्वपूर्ण बैठक में संबंधित थाना प्रभारी की मौजूदगी जरूरी है और उनका बैठक में नहीं आना गंभीर विषय है।
वहीं, 20 सूत्री समिति के सदस्यों ने पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, मनरेगा और राजस्व विभाग से जुड़े कई मुद्दे उठाए। सदस्यों ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत बताई। सड़क जाम की समस्या भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रही।
13 महीने बाद हुई बैठक
बैठक को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि 20 सूत्री समिति की यह बैठक करीब 13 महीने के अंतराल के बाद आयोजित की गई। लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक में सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र और विभाग से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।
इस दौरान टिकारी के अंचल अधिकारी ने कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भी बैठक में विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी और संबंधित मामलों में जानकारी दी।
अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद डॉक्टर बैठक से बाहर निकले
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मीडिया की ओर से उठाए गए सवालों पर माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल की कुव्यवस्था से जुड़े सवालों पर मौजूद चिकित्सक नाराज हो गए और अपनी कुर्सी छोड़कर कुछ समय के लिए बैठक से बाहर चले गए।
चिकित्सक के इस तरह बैठक से बाहर जाने पर 20 सूत्री समिति के सदस्यों ने आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि बैठक से बिना अनुमति बाहर जाना उचित नहीं है और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
कुछ समय बाद डॉक्टर दोबारा बैठक में शामिल हो गए और बैठक की कार्यवाही आगे जारी रही।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई बैठक
कुल मिलाकर टिकारी में आयोजित 20 सूत्री की बैठक में क्षेत्र के विकास, सरकारी योजनाओं, विभागीय व्यवस्था, सड़क जाम और स्वास्थ्य सेवाओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कुछ विषयों पर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप जरूर हुए, लेकिन अंततः बैठक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई।
बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अब संबंधित विभाग किस तरह कार्रवाई करते हैं और विकास योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक कितना पहुंचता है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
