अरवल के मॉडल स्कूल का डीडीसी ने किया निरीक्षण, डिजिटल शिक्षा और प्रयोगशालाओं पर दिया जोर

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अरवल, बिहार। जिला के उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार ने 13 सितंबर 2026 को सरस्वती विद्या निकेतन सह मॉडल उच्च विद्यालय, इटवा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में विकसित की जा रही शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे कार्यों का आकलन करना और पठन-पाठन की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक पहल की समीक्षा करना था।

कक्षाओं में पहुंचकर देखी पढ़ाई की व्यवस्था

उप विकास आयुक्त ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भ्रमण किया और वहां चल रही पढ़ाई को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने शिक्षकों के अध्यापन के तरीके, विद्यार्थियों की कक्षा में सहभागिता और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों के इस्तेमाल की जानकारी ली।

उन्होंने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन से कहा कि आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

विद्यासाथी एप से ऑनलाइन पढ़ाई का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने विद्यासाथी एप के माध्यम से संचालित ऑनलाइन कक्षाओं को भी देखा। उन्होंने डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाई जा रही अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन कक्षा की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल शिक्षा को अधिक सहज और प्रभावी बना सकता है। इसलिए विद्यासाथी एप के जरिए चलने वाली ऑनलाइन कक्षाओं का नियमित और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

आईसीटी और कंप्यूटर लैब का निरीक्षण

विद्यालय में स्थापित आईसीटी लैब और कंप्यूटर लैब का भी उप विकास आयुक्त ने निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद कंप्यूटर उपकरणों, डिजिटल संसाधनों और विद्यार्थियों को दी जा रही तकनीकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली।

शैलेश कुमार ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें डिजिटल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी जरूरी है। इसके लिए कंप्यूटर और आईसीटी लैब का नियमित उपयोग होना चाहिए, ताकि विद्यार्थी तकनीक को केवल देखें नहीं, बल्कि उसका व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें।

साइंस लैब में प्रायोगिक शिक्षा पर जोर

निरीक्षण के दौरान साइंस लैब और विद्यालय की अन्य प्रयोगशालाओं का भी जायजा लिया गया। उप विकास आयुक्त ने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों और संसाधनों की जानकारी ली।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के लिए नियमित प्रायोगिक कक्षाएं संचालित की जाएं। उनका कहना था कि विज्ञान जैसे विषयों को बेहतर ढंग से समझने में प्रयोग और गतिविधि आधारित शिक्षा काफी उपयोगी होती है।

पुस्तकालय और विद्यालय परिसर की भी समीक्षा

उप विकास आयुक्त ने विद्यालय के पुस्तकालय का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध पुस्तकों और विद्यार्थियों के अध्ययन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए पुस्तकालय का अधिक से अधिक उपयोग कराने पर जोर दिया।

इसके साथ ही विद्यालय भवन, कक्षाओं और परिसर में मौजूद अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्वच्छता, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उपलब्ध संसाधनों के उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

मॉडल स्कूल के उद्देश्य को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

निरीक्षण के बाद उप विकास आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि मॉडल स्कूल की परिकल्पना के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।

उन्होंने आईसीटी लैब, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, पुस्तकालय और अन्य उपलब्ध संसाधनों का विद्यार्थियों के हित में नियमित इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा।

केवल भवन नहीं, विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास भी लक्ष्य

उप विकास आयुक्त ने कहा कि मॉडल स्कूल का उद्देश्य केवल विद्यालय की इमारत और सुविधाओं को बेहतर बनाना नहीं है। इसका वास्तविक मकसद विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण देना है, जहां उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, प्रयोगात्मक अध्ययन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को लगातार बेहतर और परिणामपरक बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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