औरंगाबाद हत्याकांड में पिता और पुत्र को उम्रकैद, अदालत ने सुनाई सश्रम आजीवन कारावास की सज़ा

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औरंगाबाद (बिहार): मंगलवार, 07 जुलाई 2026 को व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-09 ने एस.टी.आर. संख्या 557/23, जी.आर. संख्या 227/23 और दाउदनगर थाना कांड संख्या 299/23 में सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया।

इस मामले में ए.पी.पी. राजाराम चौधरी ने बताया कि दाउदनगर अनुमंडल के चौरम गांव निवासी शिवम कुमार और रंजीत चंद्रवंशी को भारतीय दंड विधान की धारा 302/34 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सज़ा में समायोजित की जाएगी। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में कुल छह गवाह पेश किए गए थे। वहीं अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि 23 जून 2026 को अदालत ने दोनों अभियुक्तों को उक्त धाराओं में दोषी करार दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य अभियुक्त शिवम कुमार घटना के समय से ही जेल में बंद है।

मामले के सूचक दाउदनगर के चौरम गांव निवासी नीरज कुमार ने 20 मई 2023 को दोनों अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी चाची संजू कुंवर सुबह करीब 5:30 बजे शौच से लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में चापाकल के पास किसी बात को लेकर उनकी अभियुक्तों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि शिवम कुमार ने चाकू से हमला किया, जबकि उसके पिता ने लाठी से मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान 22 मई 2023 को संजू कुंवर की मौत हो गई।

रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.

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