औरंगाबाद (बिहार) : शनिवार, 25 या y 2026 को रमेश चौक के पास कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रशासन के मुताबिक इस प्रदर्शन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी।
इसी दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने अचानक पथराव करने की कोशिश की, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत सक्रिय हुई और उपद्रवी तत्वों को मौके से हटाकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया।

इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि हर नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति या समूह नियमों की अनदेखी करते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने खास तौर पर छात्रों से अपील की है कि यदि उनकी कोई मांग या समस्या है, तो वे विधिवत ज्ञापन देकर अपनी बात प्रशासन के सामने रख सकते हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उनकी बात सुनी जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.), पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद उपेंद्रनाथ वर्मा (भा.पु.से.), सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत अन्य दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हालात का जायजा लेते हुए क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
