औरंगाबाद (बिहार): बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव-2026 में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत और एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा की हार के बाद बुधवार, 5 अगस्त 2026 को औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित जनसुराज पार्टी के जिला कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
इस मौके पर औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी तथा रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या-224 से जनसुराज के पूर्व प्रत्याशी विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह, सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या-223 से पूर्व प्रत्याशी नंदकिशोर यादव, कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र संख्या-222 (सुरक्षित) से पूर्व प्रत्याशी श्याम बलि पासवान, नबीनगर विधानसभा क्षेत्र संख्या-221 से पूर्व प्रत्याशी अर्चना चंद्र यादव, जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, कार्यालय प्रभारी शशिकांत कुमार गौतम, व्यास राम, महिला नेत्री ऊषा शरण, यास्मीन शगुफ्ता प्रवीण, रंजन कुमार समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह ने कहा कि 18 मार्च 1974 को पटना की बांकीपुर धरती से बदलाव की चिंगारी उठी थी और करीब 50 साल बाद एक बार फिर उसी धरती से बिहार में बदलाव का बिगुल बजा है। उनके मुताबिक इस उपचुनाव में बांकीपुर की जनता ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पुरानी सियासत के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि यह नतीजा इस बात का इशारा करता है कि बिहार अब नई सियासत चाहता है।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उपचुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर, तेज धूप में और रात-रात भर मेहनत की। उसी मेहनत का नतीजा है कि पार्टी को यह बड़ी कामयाबी मिली। उन्होंने बांकीपुर की जनता को भी कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि लोगों ने जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भरोसा जताया है।
विकास कुमार सिंह ने आगे कहा कि यह जीत सिर्फ जश्न मनाने की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का पैगाम है। अब पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा और मिलकर बिहार में बदलाव के लिए काम करना होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत बिहार में बदलाव की जीत है, जबकि भाजपा की हार उसके अहंकार की हार है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने वोट के जरिए साफ संदेश दिया है कि वह सब कुछ देख और समझ रही है।
जब उनसे भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि पार्टी यहां किसी को भी उम्मीदवार बना देगी तो वह जीत जाएगा, तब उन्होंने कहा कि ऐसा बयान नहीं दिया जाना चाहिए था। उनके मुताबिक इसी तरह के बयानों ने जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाया और आखिरकार मतदाताओं ने अपने फैसले से उसका जवाब दे दिया।
एक अन्य सवाल में जब बिहार की सियासत और मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे का जिक्र किया गया, तब विकास कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में लोगों ने एनडीए गठबंधन को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम और चेहरे पर वोट दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय गठबंधन की ओर से “2025 से 2030, फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के कुछ समय बाद भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक खेल खेलते हुए बिहार में मुख्यमंत्री बदल दिया। उनका दावा था कि सात मामलों के आरोपी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस तरह की राजनीति है।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
