औरंगाबाद, 8 सितंबर 2026: बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल, सुंदरगंज में मंगलवार को साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का मकसद छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सजग करना और उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित इस्तेमाल करने के तरीके बताना था।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर औरंगाबाद के साइबर एवं ट्रैफिक डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप शामिल हुए। रिसियप थानाध्यक्ष संजीत कुमार और सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत साइबर डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप, थानाध्यक्ष संजीत कुमार, सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री, जिला जूनियर रेड क्रॉस काउंसेलर निरंजय कुमार और प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पौधा देकर स्वागत किया गया।
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को बताया गया कि इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी लोगों को आर्थिक नुकसान या दूसरी मुश्किलों में डाल सकती है।
डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध मोबाइल एप को डाउनलोड करने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि OTP, पासवर्ड, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी जैसी संवेदनशील सूचनाएं किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने फर्जी फोन कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और दूसरे तरह के साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अक्सर डर, लालच या जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लेन-देन पर बिना पुष्टि किए कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।
डीएसपी ने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि वे खुद सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करें।
महिला सुरक्षा और साइबर स्टॉकिंग पर भी चर्चा
कार्यक्रम में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई। उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर स्टॉकिंग और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी दी गई।
सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री ने छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति को छिपाने के बजाय समय रहते अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा और अभया ब्रिगेड से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
पुलिस ने विद्यार्थियों से सतर्क रहने की अपील की
रिसियप थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने कहा कि पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी आपराधिक घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास बनाए रखें और किसी तरह के दबाव या भय की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से मदद लें।
विद्यार्थियों ने पूछे साइबर अपराध से जुड़े सवाल
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध, सोशल मीडिया और महिला सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पुलिस अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब दिया और रोजमर्रा की परिस्थितियों के उदाहरण देकर समझाया कि साइबर ठगी से किस तरह बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के आयोजन में जिला जूनियर रेड क्रॉस काउंसेलर निरंजय कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर ब्रांच के प्रोग्रामर राहुल कुमार, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
कार्यशाला के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया। साथ ही विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, कानून और नागरिक जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित करने की बात कही गई।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
