उच्च शिक्षा सुधार और स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को लेकर राहुल पुरवार से हृदयानंद मिश्र की मुलाकात

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मेदिनीनगर, झारखंड | 18 सितंबर 2026: झारखंड के उच्चतर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राहुल कुमार पुरवार, आईएएस से उनके कार्यालय में हुई मुलाकात के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सदस्य, हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड झारखंड हृदयानंद मिश्र ने उनकी कार्यशैली और जनहित से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशीलता की सराहना की।

हृदयानंद मिश्र ने कहा कि राहुल कुमार पुरवार से उनका परिचय उनकी कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े मामलों को लेकर उनके दृष्टिकोण के कारण पहले से रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए जनहित से जुड़े विषयों को जमीन पर लागू करने की दिशा में पुरवार की सोच उन्हें प्रभावित करती है।

मुलाकात के दौरान मिश्र ने राहुल कुमार पुरवार को उनके सम्मान में स्वयं लिखी एक कविता भी भेंट की। कविता के प्रति पुरवार ने आत्मीयता व्यक्त करते हुए मिश्र का धन्यवाद किया और उनके प्रति आभार जताया।

विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा का प्रस्ताव

मुलाकात के दौरान नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) परिसर में संविधान सभा के सदस्य एवं स्वतंत्रता सेनानी यदुवंश सहाय तथा स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य अमिय कुमार घोष की प्रतिमाएं स्थापित करने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया।

इसके साथ ही दोनों स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में उनके नाम पर किसी सभागार या महत्वपूर्ण संस्थागत परिसर का नामकरण करने का सुझाव भी दिया गया।

हृदयानंद मिश्र ने कहा कि यदुवंश सहाय और अमिय कुमार घोष पलामू के स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण विरासत का हिस्सा रहे हैं। उनके नाम पर विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिमा और किसी प्रमुख संस्थान का नामकरण होने से नई पीढ़ी को क्षेत्र के इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

मिश्र के अनुसार, राहुल कुमार पुरवार ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए इसे उचित स्तर पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

उच्च शिक्षा में धरातलीय बदलाव पर चर्चा

बैठक में झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। हृदयानंद मिश्र ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल प्रशासनिक या कागजी बदलाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के स्तर पर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थानों की वास्तविक समस्याओं को समझकर ऐसे सुधार किए जाने चाहिए, जिनका सीधा लाभ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को मिले।

इस पर राहुल कुमार पुरवार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे सुधारों को व्यावहारिक रूप से राज्यभर में लागू करने के प्रयास का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह निकट भविष्य में पलामू का दौरा करेंगे और उस दौरान हृदयानंद मिश्र से संपर्क करेंगे।

मुलाकात को बताया सार्थक संवाद

हृदयानंद मिश्र ने कहा कि यह मुलाकात केवल औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि पलामू की ऐतिहासिक विरासत, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की जरूरतों और झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में संभावित सुधारों पर सार्थक बातचीत का अवसर रही।

उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों का लाभ विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुंचने के साथ समाज के व्यापक वर्ग को भी मिल सकेगा।

मुलाकात के दौरान इंटक के राजकुमार सिंह, चंदवा के समाजसेवी प्रदीप उपाध्याय, संजय सिंह और अभिषेक कुमार उपाध्याय भी मौजूद रहे।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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