गया, बिहार | 19 सितंबर 2026: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के कुछ बड़े व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में गया में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय टावर चौक पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। पार्टी नेताओं ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR
मौजूदा जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क व्यापारी की ओर से भुगतान किया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है।
वहीं, सामान्य Person-to-Person (P2P) UPI लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। 2,000 रुपये तक के P2M लेनदेन भी MDR से मुक्त रहेंगे।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर नहीं डाला जाना चाहिए। बैंकों को व्यापारियों से संबंधित शुल्क ग्राहकों पर स्थानांतरित नहीं करने के लिए कहा गया है।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले की आलोचना की।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि MDR व्यापारियों से लिया जाएगा तो इसका कारोबारी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को किसी न किसी रूप में अपनी कीमतों में शामिल कर सकते हैं, जिससे इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर पड़ सकता है।
हालांकि, मौजूदा नियमों के अनुसार MDR ग्राहक से वसूला जाने वाला प्रत्यक्ष शुल्क नहीं है और सरकार ने व्यापारियों को इसका भार ग्राहकों पर डालने से रोकने की बात कही है।
विदेशी कंपनियों और UPI नीति को लेकर भी आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने UPI की पुरानी Zero MDR व्यवस्था का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR व्यवस्था का विरोध करती रही हैं और मौजूदा बदलाव उसी दबाव का परिणाम है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीति को लेकर अमेरिकी दबाव का आरोप भी लगाया। यह राजनीतिक आरोप है, जबकि सरकार की ओर से UPI MDR व्यवस्था को लेकर कहा गया है कि इसका उद्देश्य भुगतान व्यवस्था के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और दूसरे खर्चों को टिकाऊ तरीके से संभालना है।
गया के टावर चौक पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर अपना विरोध दर्ज कराया।
