औरंगाबाद, बिहार | 16 सितंबर 2026: रफीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में वाहनों से प्रवेश शुल्क या चुंगी के नाम पर कथित वसूली का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मुद्दे को लेकर रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या-224 के पूर्व राजद प्रत्याशी और वर्तमान नगर पंचायत रफीगंज की मुख्य पार्षद मिरिख दरखशां के प्रतिनिधि डॉ. गुलाम शाहिद से बातचीत की गई।
वाहनों से कथित वसूली के संबंध में पूछे गए सवाल पर डॉ. गुलाम शाहिद ने कहा कि नगर विकास विभाग के पत्रों के माध्यम से नगर निकाय क्षेत्रों में वाहनों से प्रवेश शुल्क या चुंगी की वसूली पर रोक लगाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से लेटर नंबर 2339, दिनांक 23 जून 2026 और एक अन्य पत्र का हवाला दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि रफीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में किसी वाहन, ट्रक, बस, टेंपो, 407 या पिकअप से प्रवेश शुल्क अथवा चुंगी के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं तो वाहन मालिकों को ऐसी राशि नहीं देनी चाहिए। उनके मुताबिक, विभागीय स्तर पर इस तरह की वसूली पर रोक है और यदि इसके बावजूद कोई व्यक्ति राशि वसूल करता है तो उसके खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
कई स्थानों पर वसूली का दावा
जब उनसे पूछा गया कि अगर विभागीय रोक के बावजूद वाहनों से पैसे लिए जा रहे हैं तो क्या यह वसूली अवैध मानी जाएगी, इस पर डॉ. गुलाम शाहिद ने इसे अवैध बताया।
उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस बात की जानकारी नहीं है कि कथित वसूली किसके माध्यम से कराई जा रही है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग स्थानों से इस तरह की वसूली की सूचना मिल रही है।
उनके अनुसार डाक बंगला के पास, ब्लॉक के पुल के निकट, एसबीआई के आसपास, मछली मार्केट के पास, कासमा बस स्टैंड और तिवारी बिगहा समेत कई जगहों पर वाहनों से कथित तौर पर राशि ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की वसूली से प्रभावित है तो वह संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत कर विधि-सम्मत कार्रवाई की मांग कर सकता है।
ठेला और दुकानदारों की वसूली अलग मामला
बातचीत के दौरान जब गरीब तबके के ठेला लगाने वालों और छोटे दुकानदारों से होने वाली वसूली का मुद्दा उठाया गया और यह बताया गया कि कई लोग इसे नगर पंचायत की वसूली मानते हैं, तो डॉ. गुलाम शाहिद ने इसे अलग विषय बताया।
उन्होंने कहा कि हाट से संबंधित वसूली और वाहनों से प्रवेश शुल्क की वसूली अलग-अलग मामले हैं। उनके मुताबिक, वाहन से प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि वाहन मालिकों का भी कहना है कि नगर पंचायत के नाम पर ही उनसे पैसे लिए जा रहे हैं, तो उन्होंने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले टेंडर हुआ था, लेकिन बाद में इस तरह की वसूली पर रोक लगा दी गई।
डॉ. गुलाम शाहिद ने बातचीत में 23 जून 2026 से रोक लगाए जाने की बात कही और एक दूसरे पत्र का भी उल्लेख किया, जिसकी तारीख उन्होंने 17 अगस्त 2026 बताई। वहीं, बातचीत के शुरुआती हिस्से में जिस दूसरे पत्र का हवाला दिया गया, उसकी तारीख 7 अगस्त 2026 बताई गई है। दोनों तारीखों की आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
कार्यपालक पदाधिकारी से पहले भी मांगी गई थी जानकारी
इस मामले को लेकर इससे पहले भी नगर पंचायत रफीगंज के कार्यपालक पदाधिकारी मैमून निशा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया था।
बताया गया कि 2 सितंबर 2026 को शाम करीब 5:52 बजे से पहले संवाददाता ने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर नगर पंचायत क्षेत्र में मार्ग कर, प्रवेश सेवा शुल्क या चुंगी के नाम पर भारी वाहनों से कथित वसूली के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की थी। उस समय उनका मोबाइल व्यस्त था।
कुछ देर बाद कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से संवाददाता को फोन किया गया। बातचीत के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र में वाहनों से कथित वसूली और विभागीय निर्देशों के संबंध में सवाल पूछा गया। उनसे यह भी जानने का प्रयास किया गया कि यदि रफीगंज में इस प्रकार की वसूली हो रही है तो उसका आधार क्या है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने फोन पर मामले का विस्तृत जवाब देने के बजाय संवाददाता को कार्यालय आने और आमने-सामने बातचीत करने की बात कही। संवाददाता ने लगातार बारिश और समय की स्थिति का हवाला देते हुए फोन पर ही जानकारी देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने कार्यालय आकर बातचीत करने की बात दोहराई।
इसके बाद फोन पर इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
फिलहाल, रफीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में वाहनों से प्रवेश शुल्क या चुंगी के नाम पर कथित वसूली को लेकर सवाल बने हुए हैं। मामले में संबंधित विभागीय आदेश, वसूली की वास्तविक स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
