अरवल, बिहार | 16 सितंबर 2026: अरवल जिले के कुर्था मानिकपुर थाना क्षेत्र के छतोंई गांव में 14 वर्षीय शिवम कुमार की नदी में डूबने से मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। शिवम कुमार, छतोंई गांव निवासी हुलास नारायण सिंह का पुत्र था। बताया गया है कि बीते दिनों सेनानी नदी में बिथरा डैम के पास डूबने के कारण उसकी मौत हुई थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने शव की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग पर समय रहते अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसी को लेकर ग्रामीणों ने छतोंई मोड़ के पास कुर्था-टिकरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
सड़क जाम की घटना के बाद पुलिस के बयान पर सात नामजद लोगों समेत करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। FIR दर्ज होने के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है।
नागमणि ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने इस मामले में मानिकपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कुर्था विधायक पप्पू वर्मा के इशारे पर कार्रवाई कर रही है।
नागमणि के मुताबिक, बच्चे की नदी में डूबने से मौत के बाद ग्रामीण अपने स्तर पर शव की तलाश कर रहे थे और एसडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि अधिकारियों के देर से पहुंचने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी और मौके पर कुछ कहासुनी भी हुई।
पूर्व मंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वह इस मामले को लेकर मगध रेंज के आईजी, एसपी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे। साथ ही उन्होंने दर्ज मुकदमे को समाप्त करने की मांग उठाने की बात कही है।
नागमणि ने यह भी आरोप लगाया कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और ग्रामीणों पर कार्रवाई की जा रही है।
विधायक पप्पू वर्मा ने क्या कहा?
वहीं, कुर्था विधायक पप्पू वर्मा ने कहा कि किसी भी घटना के बाद लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सड़क जाम करने का मामला सामने आता है तो पुलिस उपलब्ध फुटेज और जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी।
विधायक ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, जबकि निर्दोष लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
फिलहाल, बच्चे की मौत के बाद सड़क जाम और ग्रामीणों पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजर है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
