विश्वकर्मा पूजा पर मां मुंडेश्वरी राइस मिल में आयोजन, 20 सितंबर को किसान सम्मान समारोह

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औरंगाबाद, बिहार: विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भाजपा बिहार प्रदेश कार्य समिति सदस्य, व्यवसायी एवं समाजसेवी डॉ. गोपाल शरण सिंह ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को मंजूराही स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में अपने निजी संस्थान मां मुंडेश्वरी राइस मिल में विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया और उन्होंने देशवासियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर बातचीत के दौरान डॉ. गोपाल शरण सिंह ने बताया कि मां मुंडेश्वरी ग्रुप की ओर से वर्ष 2011 से लगातार विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा के तहत किसानों के सम्मान के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है, जिसमें जिले के किसानों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष किसान सम्मान समारोह का आयोजन रविवार, 20 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मगध क्षेत्र, गया के पुलिस महानिरीक्षक (IG) और ‘इंस्पायर ऑफ बिहार’ के संस्थापक विकास वैभव के शामिल होने की जानकारी दी गई।

डॉ. गोपाल शरण सिंह ने जिले के किसानों और आम लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि किसान समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें सम्मान देने का अवसर सभी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

17 सितंबर को ही विश्वकर्मा पूजा क्यों?

बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आम तौर पर 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है, जबकि दिल्ली में इसे दीपावली के दूसरे दिन मनाने की परंपरा भी देखने को मिलती है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस अंतर की जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि बचपन से उन्होंने 17 सितंबर को ही विश्वकर्मा पूजा मनाते हुए देखा है। उनके अनुसार, वह खुद भी इसी तारीख को पूजा करते आए हैं और आगे भी इसी परंपरा के अनुसार विश्वकर्मा पूजा मनाते रहेंगे।

किसानों के बीच पौधारोपण और वृक्ष वितरण

डॉ. गोपाल शरण सिंह ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसानों के बीच पौधे और वृक्ष वितरित करना उनका एक पुराना शौक रहा है। उनका कहना है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाने से पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने दावा किया कि अब तक अपने जिले में किसानों के बीच करीब 50 हजार से 1 लाख के बीच पौधों का वितरण कर चुके हैं। उनका कहना है कि वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी इस पहल का एक उद्देश्य है।

विश्वकर्मा पूजा के आयोजन के साथ किसान सम्मान समारोह को जोड़ने की यह परंपरा मां मुंडेश्वरी ग्रुप की ओर से पिछले कई वर्षों से जारी होने की बात डॉ. गोपाल शरण सिंह ने कही है।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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