औरंगाबाद (बिहार)। कुटुंबा प्रखंड के परता गांव निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार ने पटना हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने हाईकोर्ट में आदेश की अवहेलना को लेकर कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट (एम.जे.सी.) संख्या 1917/2026 दायर की है।
इस याचिका में राज्य के मुख्य सचिव, प्रत्यय अमृत, आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के अलावा कुटुंबा प्रखंड की ग्राम पंचायत परता के वर्तमान मुखिया श्याम बिहारी राय उर्फ श्याम बिहारी पासवान को भी पक्षकार बनाया गया है।
आलोक कुमार ने संवाददाता को बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने ग्राम पंचायत परता के वर्तमान मुखिया श्याम बिहारी राय उर्फ श्याम बिहारी पासवान और उनके परिजनों की चल एवं अचल संपत्ति की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद तथा बिहार सरकार को आवेदन दिया था। उन्होंने संबंधित संपत्तियों की जांच कराने की मांग भी की थी।
उनका आरोप है कि आवेदन के बावजूद जब कोई जांच नहीं हुई, तब उन्होंने पटना हाईकोर्ट में पी.एल.आई. संख्या 6922/2024 दायर कर प्राथमिकी दर्ज करने और चल-अचल संपत्ति की जांच कराने की गुहार लगाई।
आलोक कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद को कई बार आवेदन देकर आदेश का अनुपालन कराने का अनुरोध किया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और जांच की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
उन्होंने कहा कि जब बार-बार अनुरोध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर उन्हें एक बार फिर पटना हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। अब उन्होंने कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट के माध्यम से अदालत से आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
