औरंगाबाद, बिहार। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय की एनडीपीएस एक्ट स्पेशल कोर्ट ने अफीम बरामदगी से जुड़े एक मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश विश्व विभूति गुप्ता ने एनसीबी केस नंबर 4/21 और जीआर 7/21 में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
मामले की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने बताया कि दोषी प्रमोद कुमार, निवासी झिकटियां, इमामगंज तथा विकेश कुमार, निवासी बहेरा पाकी, पलामू को एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(बी) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी गई है।
इसके अलावा दोनों दोषियों को धारा 29 के तहत भी 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत के आदेश के अनुसार दोनों धाराओं में दी गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
5 किलो से अधिक अफीम बरामद
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला फरवरी 2021 में हुई कार्रवाई से जुड़ा है। एनसीबी अधिकारियों को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 22 फरवरी 2021 को कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान दोनों अभियुक्तों को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, औरंगाबाद के समक्ष पकड़ा गया था।
कार्रवाई के दौरान दोनों के कब्जे से 5 किलोग्राम से अधिक अफीम बरामद होने की बात सामने आई थी। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में आती थी।
एक आरोपी लंबे समय से जेल में
अधिवक्ता की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अभियुक्त प्रमोद कुमार 24 फरवरी 2021 से जेल में बंद हैं। वहीं, दूसरे अभियुक्त विकेश कुमार को 27 अगस्त 2026 को मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उनका बंधपत्र रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 7 गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
