औरंगाबाद, बिहार। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय की विशेष POCSO अदालत ने कासमा थाना कांड संख्या 10/20 से जुड़े मामले में दो अभियुक्तों को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई गवाहियों और अन्य तथ्यों पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को विशेष POCSO कोर्ट के न्यायाधीश लक्ष्मी कांत मिश्रा ने जीआर संख्या 63/20 में सजा के बिंदु पर सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक शिवलाल मेहता ने बताया कि पिपरा टोला, बलजोरी बिगहा, कासमा निवासी सरजु भुईयां और प्रवेश भुईयां को भारतीय दंड विधान की धारा 304 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।
अदालत ने दोनों को धारा 323 के तहत भी एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा सरजु भुईयां को धारा 354 के तहत तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।
घटना के दिन दर्ज हुई थी प्राथमिकी
अधिवक्ता के अनुसार, इस मामले की प्राथमिकी घटना वाले दिन ही 18 फरवरी 2020 को दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी नाबालिग पीड़िता के भाई की शिकायत पर दर्ज हुई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सुबह शौच के लिए बाहर गई नाबालिग लड़की का आरोपियों ने दुपट्टा खींच लिया था। पीड़िता किसी तरह वहां से भागकर घर पहुंची और परिवार को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद पीड़िता का भाई परिवार के अन्य सदस्यों के साथ आरोपियों के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और अभियुक्तों ने लाठी से पीड़िता के पिता और भाई पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान घायलों में से एक की मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए 9 गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर मामले में सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार, दोनों अभियुक्त आठ महीने से अधिक समय जेल में रह चुके हैं। मामले में दोनों के खिलाफ आरोप का गठन 17 फरवरी 2021 को किया गया था।
अदालत के फैसले के बाद मामले से जुड़े पक्षों के बीच इस निर्णय को लेकर चर्चा रही। यह मामला वर्ष 2020 की उस घटना से संबंधित है, जिसमें नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ के बाद हुए विवाद में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
