अरवल, बिहार, 17 सितंबर 2026: जिला पदाधिकारी श्रीमती अमृषा बैंस की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC) और बाल कल्याण समिति (CWC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ बाल कल्याण समिति के सामने आए मामलों की भी समीक्षा की गई।
प्रायोजन और परवरिश योजना की स्थिति
बैठक में प्रायोजन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि फिलहाल जिले में 132 लाभुकों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। विभाग की ओर से निर्धारित लक्ष्य को भी पूरा कर लिया गया है।
वहीं परवरिश योजना के तहत वर्तमान में 85 लाभुकों को सहायता दी जा रही है। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक देरी के और सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए।
एक बच्चे का दत्तकग्रहण, दो बालिका शिशु संस्थान में
दत्तकग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में एक बच्चे का दत्तकग्रहण पूरा हो चुका है। इसके अलावा विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में वर्तमान में दो बालिका शिशु आवासित हैं।
इन दोनों बालिकाओं के दत्तकग्रहण के लिए नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया जारी है। संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
किन्नर कल्याण योजना के चार लाभार्थी
बैठक में किन्नर कल्याण योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि अरवल जिले में इस योजना के तहत अब तक चार लाभार्थियों को पहचान पत्र और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा चुका है।
इसके अलावा PM CARES for Children योजना के तहत जिले में एक लाभुक को सहायता मिल रही है। संबंधित बच्चे के माता-पिता की मृत्यु कोरोना काल के दौरान हुई थी।
बाल श्रम और POCSO मामलों की समीक्षा
बाल कल्याण समिति के समक्ष दर्ज मामलों पर चर्चा के दौरान बताया गया कि बाल श्रम से संबंधित 14 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा POCSO से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के साथ बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और उनके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बाल संरक्षण और कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। पात्र बच्चों और लाभुकों को समय पर योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संवेदनशीलता के साथ काम किया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता मिल सके।
बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, अरवल, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा संबंधित पदाधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
