औरंगाबाद (बिहार) : बिहार विधानसभा के तृतीय मानसून सत्र के दौरान रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या-224 के जदयू विधायक एवं समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह ने अपने क्षेत्र से जुड़े कई अहम और जनहित के मुद्दों को सदन में मजबूती के साथ रखा।
सबसे पहले उन्होंने रफीगंज–ओबरा पथ (बराही–अब्दुलपुर मुख्य मार्ग) पर बने रेलवे अंडरपास का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस अंडरपास की चौड़ाई और ऊंचाई पर्याप्त नहीं है, जिससे आम लोगों और बड़े वाहनों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि इस संबंध में भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय को अंडरपास की चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाने के लिए सिफारिश की जाए।
इस पर बिहार सरकार के माननीय पथ निर्माण मंत्री ने सदन को बताया कि विभागीय पत्रांक-4927 एस.डब्ल्यू.ई., दिनांक 18 जुलाई 2026 के माध्यम से पूर्व मध्य रेलवे को इस संबंध में अनुरोध भेजा जा चुका है। इसके बाद मंत्री ने विधायक से अपना संकल्प वापस लेने का आग्रह किया, जिस पर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने अपना संकल्प वापस लेने की सहमति दे दी।
इसके अलावा विधायक ने ताराडीह स्थित उच्च विद्यालय के अधूरे निर्माण का मामला भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार राशि लेने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर चला गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और विद्यालय का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की।
विधानसभा में उन्होंने औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर “आदित्य नगर” करने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर भगवान भास्कर की नगरी देव स्थित है, जहां विश्व विख्यात पश्चिमाभिमुख सूर्य मंदिर मौजूद है। चैती छठ और कार्तिक माह में होने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु चार दिवसीय छठ व्रत करने पहुंचते हैं। बिहार के अलावा झारखंड और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूरी आस्था के साथ आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देव राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 से जुड़ा हुआ है, इसलिए जिले का नाम बदलकर आदित्य नगर किया जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है।
मानसून सत्र के दौरान विधायक ने किसानों की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कम वर्षा होने की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए रफीगंज और मदनपुर प्रखंड को सुखाड़ घोषित किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को सरकारी राहत मिल सके।
किसानों के हित से जुड़े इस मुद्दे पर भी विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को अलग से ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
