कुर्था, अरवल | 18 सितंबर 2026: मानिकपुर थाना क्षेत्र के छतोंई गांव निवासी 14 वर्षीय शिवम कुमार की सेनाने नदी में डूबने से हुई मौत के बाद शुक्रवार को पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और घटना को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
शिवम कुमार की मौत बिथरा डैम के समीप सेनाने नदी में डूबने से हुई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव की तलाश के लिए प्रशासन से एसडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग की थी। बाद में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क जाम किया था।
ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे का मामला उठाया
पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने ग्रामीणों पर दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सड़क जाम के जरिए अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया था।
उनका कहना था कि यदि प्रशासन समय रहते एसडीआरएफ की टीम बुलाकर नदी में तलाश शुरू करा देता तो ग्रामीणों को सड़क जाम करने की जरूरत नहीं पड़ती। डॉ. अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि घटना के करीब नौ घंटे बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी।
उन्होंने कहा कि आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम को अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के अंतिम विकल्प के तौर पर अपनाया।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद ने अरवल जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूर्व जहानाबाद जिलाधिकारी प्रत्यय अमृत का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में प्रशासनिक अधिकारी कई घटनाओं में जनप्रतिनिधियों से पहले घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते थे।
डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि किसी गंभीर घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने में देरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर प्रशासनिक कार्रवाई से लोगों के आक्रोश को कम किया जा सकता है।
मुख्य सचिव और डीजीपी से बात करने की बात
पूर्व सांसद ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी से बातचीत करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग दोहराई।
इसके साथ ही उन्होंने घटना के दौरान प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित लापरवाही की जांच कराने और यदि किसी अधिकारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल, शिवम कुमार की मौत के बाद ग्रामीणों पर दर्ज प्राथमिकी और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में प्रशासन की ओर से घटना और पूर्व सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
