अरवल में कायाकल्प अभियान शुरू, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों समेत सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुधार पर जोर

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अरवल, बिहार | 18 सितंबर 2026: जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस के मार्गदर्शन में अरवल जिले में ‘कायाकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान के तहत सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव, जरूरी मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के साथ स्थानीय जरूरत के अनुसार नई आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

जिला प्रशासन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर और सुगम जनसुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में मौजूद सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति का आकलन कर जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाएगा।

स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर

कायाकल्प अभियान के तहत विद्यालयों में भवन, कक्षाओं, किचन शेड और शौचालयों की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त कक्षाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाकर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।

स्वास्थ्य संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भी होगा सुधार

अभियान में स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के अलावा जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे मरीजों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव, मरम्मत, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ वहां आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। जरूरत के अनुसार अन्य जरूरी कार्यों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

पेयजल और छोटे जनोपयोगी कार्य भी प्राथमिकता में

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव और पेयजल से जुड़ी शिकायतों के जल्द निपटारे पर विशेष जोर दिया गया है। जरूरी पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की भी योजना है।

इसके अलावा सामुदायिक भवन, शौचालय, विद्यालयों की चहारदीवारी, अतिरिक्त कक्ष, किचन शेड और स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े छोटे लेकिन उपयोगी कार्य भी अभियान के तहत कराए जाएंगे।

हर पंचायत में करीब 10 कार्यों का चयन

जिला प्रशासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगभग 10 प्राथमिकता वाले कार्यों के चयन पर जोर दिया है। योजनाओं का चयन स्थानीय जरूरत, जनहित और आम नागरिकों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

इन कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के जरिए काम को आगे बढ़ाने की योजना है।

31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान

कायाकल्प अभियान 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि अभियान के माध्यम से जिले की सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक उपयोगी और सुव्यवस्थित बनाने के साथ आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।

कायाकल्प अभियान के तहत अलग-अलग विभागों के समन्वय से सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण और जनसुविधाओं के उन्नयन पर काम किया जाएगा, ताकि इसका सीधा लाभ जिले के आम नागरिकों तक पहुंच सके।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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