औरंगाबाद में धूमधाम से मनाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती, एकता और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

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औरंगाबाद (बिहार)। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के मुख्य द्वार के ठीक बगल में पूर्व दिशा की ओर बने पटेल स्मारक भवन के प्रांगण में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। सभी ने सरदार पटेल के विचारों और देश की एकता के लिए उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संवाददाता ने अधिवक्ता गौतम प्रकाश से आयोजन और सरदार पटेल के विचारों को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले कार्यक्रम के आयोजकों, व्यवस्थापकों और अध्यक्ष सहित सभी संबंधित लोगों का तहेदिल से अभिनंदन किया।

उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे सादगी की पहचान और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे। देश की आजादी के बाद जब भारत अनेक रियासतों में बंटा हुआ था, उस समय सरदार पटेल ने कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस के साथ सभी रियासतों को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया था।

उन्होंने समाज के अगड़े-पिछड़े वर्गों, धर्मों और जातियों से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। उनके जीवन और विचारों से आज भी हम सभी को प्रेरणा मिलती है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा हासिल करने की अपील

अधिवक्ता गौतम प्रकाश ने खास तौर पर युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो केवल नौकरी पाने के उद्देश्य से शिक्षा हासिल न करें, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ पढ़ाई करें। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश और समाज की तरक्की में योगदान देना भी होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उनका एक ही संदेश है कि जहां एकता होती है, वहां शक्ति होती है और जहां शक्ति होती है, वहां प्रगति होती है। जब प्रगति होती है, तभी राष्ट्र का वास्तविक निर्माण संभव होता है।

उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिनके विचारों को आज की नई पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जिस मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अलग-अलग रियासतों को एकजुट किया, उससे आज के युवाओं को सीख लेने की जरूरत है।

गौतम प्रकाश ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात कई अभिभावकों से हुई। बातचीत में सभी ने एक ही बात पर जोर दिया कि समाज में एकजुटता बेहद जरूरी है। एकता में ही शक्ति है और एकजुट रहकर ही समाज तथा देश को मजबूत बनाया जा सकता है।

जाति और धर्म के आधार पर राजनीति पर जताई असहमति

बातचीत के दौरान संवाददाता ने उनसे सवाल किया कि आज जिस तरह लोगों को जाति के आधार पर अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा रहा है और जातीय आधार पर राजनीति की जा रही है, ऐसे में इस मुद्दे पर उनका क्या विचार है?

इस सवाल का जवाब देते हुए अधिवक्ता गौतम प्रकाश ने कहा कि वह जातीय राजनीति का पूरी तरह विरोध करते हैं। देश में जाति के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर राष्ट्र का निर्माण नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलना जरूरी है। यह हम सभी का कर्तव्य है कि समाज के हर समूह को जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने आम नागरिकों और खासकर युवाओं से अपील की कि वे समाज में जहां भी काम करें, वहां लोगों को जोड़ने का काम करें, न कि जाति के नाम पर बांटने का।

उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर दीवार खड़ी करने के बजाय सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। जब समाज एकजुट होगा, तभी हमारा राष्ट्र और अधिक मजबूत तथा बेहतर बन सकेगा।

देश की असली पहचान नागरिकों की एकता से होती है

गौतम प्रकाश ने आगे कहा कि हमारा देश लगातार प्रगति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन आज भी देश को सबसे ज्यादा जरूरत एकता की है। भारत की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, बल्कि यहां के नागरिकों की एकता और आपसी भाईचारे से होती है।

उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। उनके बताए एकता, साहस और राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर चलकर ही देश को और मजबूत बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के पूर्व सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री तथा वर्तमान में अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार मंटू शामिल हुए।

इसके अलावा पटेल विकास मंच के अध्यक्ष बृजा सिंह, सचिव अरुणजय कुमार, अधिवक्ता गौतम प्रकाश, अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी, अधिवक्ता अजय कुमार, सिंदुरिया की महिला प्रतिनिधि श्रीमती रीता देवी, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश्वर प्रसाद सिंह, दाउदनगर के उपाध्यक्ष अजय कुमार, कोषाध्यक्ष कन्हैया कुमार पटेल, शिक्षिका श्रीमती सुषमा देव, श्रीमती रेणु कुमारी, श्रीमती शकुंतला देवी, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। साथ ही समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने, जाति-धर्म से ऊपर उठकर एकजुट रहने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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