जवाहर नवोदय विद्यालय बारुण में स्वास्थ्य शिविर, 210 छात्र-छात्राओं की हुई जांच

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बिहार प्रदेश | 29 अगस्त 2026 — औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय, बारुण में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी देने के साथ नियमित जांच के महत्व के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षा विभाग, औरंगाबाद प्रियंका कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी बारुण नीरज कुमार, जूनियर रेड क्रॉस कार्यकारिणी समिति के सदस्य राजीव कुमार पांडेय और विद्यालय के प्राचार्य आर.के. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य शिविर की जरूरत और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य भी जरूरी

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। विद्यालय में इस तरह के शिविर से बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग होने का अवसर मिलता है और छोटी स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उचित सलाह ली जा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने, संतुलित भोजन करने, नियमित व्यायाम और बेहतर दिनचर्या अपनाने की अपील की।

वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि स्वस्थ विद्यार्थी पढ़ाई के साथ दूसरी रचनात्मक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का जरिया बताया।

उन्होंने विद्यालयों में स्वास्थ्य और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जूनियर रेड क्रॉस की पहल की सराहना की।

स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना भी सेवा का हिस्सा

जूनियर रेड क्रॉस कार्यकारिणी समिति के सदस्य राजीव कुमार पांडेय ने कहा कि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जूनियर रेड क्रॉस मानवीय सेवा के साथ स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और दूसरे जरूरी विषयों पर लोगों को जागरूक करने का काम भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर विद्यार्थियों को सही जानकारी देना जूनियर रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल है। स्वास्थ्य के प्रति सही समझ विकसित होने से बच्चों में अपने साथ-साथ परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी मजबूत होता है।

210 विद्यार्थियों की हुई स्वास्थ्य जांच

शिविर के दौरान 210 छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की आवश्यक जांच की गई। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ पेयजल पीने, पौष्टिक और संतुलित आहार लेने, पर्याप्त नींद तथा नियमित शारीरिक गतिविधि के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।

इसके अलावा विद्यार्थियों को नशे और दूसरी हानिकारक आदतों से दूर रहने तथा स्वच्छ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

विद्यालय प्राचार्य ने जताया आभार

विद्यालय के प्राचार्य आर.के. सिंह ने स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके स्वास्थ्य और व्यक्तित्व निर्माण को लेकर भी गंभीर है।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोजित होने वाले ऐसे शिविर बच्चों को अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने और बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

स्वास्थ्य शिविर में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा आयोजनकर्ताओं की ओर से दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, जूनियर रेड क्रॉस से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ छात्र-छात्राओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बारुण के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बारुण की चिकित्सा टीम तथा विद्यालय के शिक्षक तीर्थनाथ यादव और गणेश प्रसाद समेत अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विद्यालय परिवार ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद की इस पहल की सराहना की। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश समाज के व्यापक हिस्से तक पहुंचाया जा सकता है।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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