बिहार प्रदेश | 29 अगस्त 2026 — देश में बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी को गंभीर समस्या बताते हुए मजदूरों को उनके हक और अधिकारों के लिए संगठित करने पर जोर दिया गया। इसी सिलसिले में ग्रामीण मजदूर यूनियन बिहार और इंकलाबी निर्माण कामगार यूनियन बिहार की बैठक शनिवार को गया के एपी कॉलोनी स्थित बैंक कॉलोनी में आयोजित हुई।
बैठक में मजदूरों की मौजूदा स्थिति, रोजगार के अवसर, मजदूरी और श्रमिकों को मिलने वाले अधिकारों समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में मजदूर आज भी अपने कानूनी और श्रमिक अधिकारों से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। ऐसे में जरूरत है कि मजदूरों के बीच जाकर उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए और उन्हें संगठित किया जाए।
मजदूरों के बीच पहुंचने का फैसला
बैठक में तय किया गया कि दोनों यूनियनों से जुड़े कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों से लगातार संपर्क करेंगे। इस दौरान उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को समझने के साथ रोजगार, मजदूरी और अधिकारों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जाएगी।
वक्ताओं का कहना था कि अलग-अलग स्तर पर मजदूरों की समस्याएं सामने आती रहती हैं, लेकिन एकजुटता के अभाव में उनकी आवाज को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल पाती। मजदूरों के संगठित होने से उनके मुद्दों को बेहतर तरीके से उठाया जा सकता है और उनके अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से आवाज बुलंद की जा सकती है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्रामीण और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।
कई लोग रहे मौजूद
बैठक में भोला शंकर, पार्थ, अशोक कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता मो. जफर बारी अंसारी उर्फ छोटू मियां, सुरेंद्र मांझी, मो. फकरुद्दीन, मुकेश कुमार, अमित कुमार, सुदेशर मांझी और राजेश मांझी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मजदूरों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने और उन्हें उनके हक-अधिकार के लिए संगठित करने की दिशा में आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
