बिहार, 10 अगस्त 2026: पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन एनएमओपीएस (NMOPS) के आह्वान पर सोमवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में ‘NPS भारत छोड़ो महाभियान’ का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी सेवकों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान एनएमओपीएस बिहार के पदाधिकारियों ने कहा कि 1 सितंबर 2005 से लागू नई पेंशन योजना (NPS) न तो सरकारी सेवकों के हित में है और न ही राज्य सरकार के हित में। उनका कहना है कि यह योजना पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है, जिससे कुछ निजी कंपनियों और केंद्र सरकार को ही लाभ हो रहा है।
एनएमओपीएस बिहार के प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय ने कहा कि संगठन लगातार सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री सरकारी सेवकों के हित को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे।
प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार ने कहा कि राज्य और कर्मचारियों के हित में मुख्यमंत्री के सकारात्मक फैसले का इंतजार है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बिहार सरकार भी पड़ोसी राज्य झारखंड की तरह पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने का फैसला लेगी।
उन्होंने बताया कि आंदोलन को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसी क्रम में 1 सितंबर 2026 को ‘काला दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन एनपीएस से आच्छादित सभी सरकारी सेवक अपने-अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी या बैज लगाकर काम करेंगे।
एनएमओपीएस बिहार के मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार ने कहा कि राज्य सरकार नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना लागू करने में सक्षम है। इसके लिए किसी दूसरी एजेंसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री चाहें तो बिहार में OPS (पुरानी पेंशन योजना) तुरंत लागू की जा सकती है।
प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने सभी सरकारी सेवकों से अपील की कि वे आने वाले आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाएं।
इस कार्यक्रम में सचिवालय सेवा, सहकारिता सेवा, बिजली संघ, अवर अभियंता संघ, शिक्षक संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े सैकड़ों कर्मियों ने हिस्सा लिया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
