बिहार प्रदेश, 2 सितंबर 2026: पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बिहार इकाई ने 1 सितंबर को पूरे राज्य में काला दिवस मनाया। संगठन का कहना है कि यह आयोजन बिहार सरकार के सरकारी सेवकों के लिए लागू नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में किया गया।
NMOPS बिहार के मुताबिक, 1 सितंबर 2005 को बिहार सरकार के सरकारी सेवकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू की गई थी। संगठन हर वर्ष इस तारीख को काला दिवस के तौर पर मनाकर पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को सरकार के सामने रखता है।
नई पेंशन व्यवस्था के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध
NMOPS बिहार लंबे समय से राज्य के सरकारी सेवकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहा है। संगठन का तर्क है कि मौजूदा नई पेंशन व्यवस्था सरकारी कर्मचारियों के हित में नहीं है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि नई पेंशन योजना शेयर बाजार से जुड़ी हुई है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था से सरकारी कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा प्रभावित होती है और इसका लाभ निजी कंपनियों तथा केंद्र सरकार को मिलता है। NMOPS बिहार इसे राज्य सरकार के हितों के लिए भी उचित नहीं मानता।
हालांकि, नई पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबे समय से अलग-अलग मत रहे हैं। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार सरकार पर अपनी नीति में बदलाव के लिए दबाव बनाते रहे हैं।
सभी 38 जिलों में हुआ काला दिवस का आयोजन
संगठन के अनुसार, 1 सितंबर को बिहार के सभी 38 जिलों में काला दिवस का आयोजन किया गया। बेतिया से किशनगंज और बांका से बक्सर तक विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया।
NMOPS बिहार ने दावा किया कि सरकारी सेवकों के साथ रेलवे कर्मचारियों ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। संगठन के मुताबिक, कर्मचारियों ने काली पट्टी और अन्य शांतिपूर्ण तरीकों के जरिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को सामने रखा।
मुख्यमंत्री से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील
NMOPS बिहार ने मुख्यमंत्री से पुरानी पेंशन की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि सरकारी सेवकों के हित और उनके भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर सकारात्मक फैसला लिया जाना चाहिए।
संगठन को उम्मीद है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांग को सहानुभूतिपूर्वक देखेगी और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में कोई ठोस पहल करेगी।
प्रदेश पदाधिकारियों ने आयोजन को बताया सफल
NMOPS बिहार के प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर काला दिवस कार्यक्रम को सफल बताया। संगठन के प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार, प्रदेश संयोजक प्रेमचंद सिंहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव तिवारी, मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार और विधिक सलाहकार शंकर प्रसाद सिंह समेत विभिन्न पदाधिकारियों ने भी आयोजन में भागीदारी की।
संगठन के मुताबिक, सभी जोनल प्रभारी, समन्वयक, जिला अध्यक्ष और जिला सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
आगे की रणनीति तैयार करेगा संगठन
NMOPS बिहार ने कहा है कि काला दिवस कार्यक्रम के बाद संगठन पूरे अभियान की समीक्षा करेगा। समीक्षा के आधार पर पुरानी पेंशन की बहाली के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय ने कहा कि संगठन सरकारी सेवकों के हित से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाता रहेगा। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिहार सरकार की ओर से पुरानी पेंशन की मांग पर क्या रुख सामने आता है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
