बारुण में एफएलएन और टीचिंग ऐट द राइट लेवल पर शिक्षकों का प्रशिक्षण, बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने पर ज़ोर

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औरंगाबाद (बिहार) : औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड संसाधन केंद्र में कक्षा 4 से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान और टीचिंग ऐट द राइट लेवल (टीएआरएल) को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रखंड के सभी 17 संकुलों से चयनित शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली नई जानकारी और शिक्षण तकनीकों को सिर्फ कक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारा जाए, ताकि हर बच्चे को उसका सीधा लाभ मिल सके और उसकी सीखने की क्षमता बेहतर हो।

वहीं प्रखंड लेखापाल कुश कुमार ने कहा कि हिंदी और गणित जैसे मूलभूत विषयों में कठिनाई महसूस करने वाले बच्चों के लिए यह प्रशिक्षण काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि रचनात्मक शिक्षण तकनीकों के ज़रिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति नई रुचि पैदा होगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव आएगा।

प्रशिक्षण के दौरान प्रथम एजुकेशन की डॉली कुमारी ने एफएलएन और टीचिंग ऐट द राइट लेवल की कार्यप्रणाली, शिक्षण गतिविधियों और बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार पढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों की ज़रूरत के अनुसार पढ़ाई का तरीका अपनाने से सीखने के बेहतर परिणाम सामने आते हैं।

इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स और शिक्षक-शिक्षिकाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। प्रशिक्षण में सुशीला कुमारी, सुषमा कुमारी, अनुपम कुमार, सुनीता कुमारी, कविता पाल, सावित्री कुमारी, अंशिका श्रीवास्तव, सूर्यदेव कुमार, आकांक्षा कुमारी सिंह, रॉकी कुमार, नैंसी रुहेला, अचला कुमारी, अनुज कुमार पटेल, पियूष कुमार पाण्डेय, जय प्रकाश, आदर्श पटेल, खुशबू कुमारी और सुधीर यादव सहित कई शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान 31 जुलाई 2026 से संकुल स्तर पर शुरू होने वाले प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित किया गया। ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने संकुल के विद्यालयों में शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इस प्रशिक्षण में प्राथमिक विद्यालयों से एक-एक हिंदी और गणित शिक्षक तथा मध्य विद्यालयों से भी एक-एक हिंदी और गणित शिक्षक शामिल होंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने की क्षमता और गणितीय समझ को व्यावहारिक और प्रभावी तरीकों से मजबूत बनाना है, ताकि हर बच्चा अपनी कक्षा के अनुरूप बेहतर ढंग से सीख सके।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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