औरंगाबाद (बिहार) में नगर परिषद डेहरी ऑन सोन, डालमियानगर के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) स्वर्गीय विमल कुमार की हत्या के मामले में औरंगाबाद पुलिस-प्रशासन की ओर से विभागीय प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें पूरे घटनाक्रम और अब तक हुई पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को बारुण थाना अध्यक्ष को ईओ विमल कुमार के ड्राइवर ने सूचना दी कि कुछ अज्ञात अपराधियों ने विमल कुमार के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने तुरंत संबंधित थाना अध्यक्ष, सीआई मुफस्सिल, सीआई बारुण तथा सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार और सदर-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को मौके पर भेजा।
उसी रात रोहतास के जिलाधिकारी, रोहतास के पुलिस अधीक्षक और औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद अगले दिन सुबह मगध क्षेत्र, गया के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव और औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की।
मृतक के परिजनों के आवेदन के आधार पर बारुण थाना कांड संख्या 312/26, दिनांक 2 अगस्त 2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने मामले की त्वरित जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नामजद अभियुक्त और ईओ विमल कुमार के ड्राइवर मिथिलेश कुमार से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने विमल कुमार की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद पुलिस ने मिथिलेश कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास स्थित पटना-बारुण-खैरा नहर से गोताखोरों की टीम ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का लीवर पाइप भी बरामद किया।
गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और कांड का अनुसंधान चल रहा है।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मिथिलेश कुमार (उम्र 35 वर्ष), पिता राम नगीना सिंह उर्फ फीटर, निवासी कौआ कॉच, थाना मुफस्सिल, जिला रोहतास के रूप में हुई है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
