गया, 4 नवंबर 2026। बिहार के गया जिले के टिकारी समेत विभिन्न इलाकों में युवाओं के बीच नशे का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। शराब, गांजा, सुलेशन, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आकर युवा पीढ़ी अपना भविष्य खतरे में डाल रही है। इसका असर केवल युवाओं के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और सामाजिक वातावरण पर भी पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या पर चिंता जताते हुए मोहम्मद जफर बारी अंसारी उर्फ छोटू मियां ने कहा कि नशे का रास्ता इंसान को बर्बादी की ओर ले जाता है। इसके बावजूद समाज में नशीले पदार्थों का सेवन और उनके कारोबार का बढ़ना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उनके परिवारों की खुशियां भी छीन रही है। ऐसे में शासन-प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नशे के कारोबार पर रोक लगाने और इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है।
छोटू मियां ने आम लोगों से अपील की कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केवल प्रशासनिक कार्रवाई से इस समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को मिलकर अभियान चलाना होगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अच्छी संगति और सकारात्मक माहौल देना बेहद जरूरी है। सही लोगों का साथ मिलने से गलत आदतों और विचारों में बदलाव लाया जा सकता है। समाज को चाहिए कि वह नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को तिरस्कार करने के बजाय उन्हें सही रास्ते पर लौटने में मदद करे।
उन्होंने जीवन के महत्व पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि जिंदगी बहुत छोटी है। इसलिए इंसान को अधिक से अधिक लोगों के दिलों में जगह बनाने और उनकी दुआएं हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। हर व्यक्ति को समाजहित, देशहित और विश्वहित में काम करने का संकल्प लेना चाहिए।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इंसान को ऐसा जीवन जीना चाहिए जिससे दूसरों का भी भला हो। उनका संदेश है— जियो और जीने दो।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
