औरंगाबाद (बिहार): रविवार, 16 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर जिलेवार समर्पित कांग्रेस जनों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिल्ली जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि औरंगाबाद जिला समर्पित कांग्रेस जन की कोर कमेटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय, इंदिरा भवन, नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी औरंगाबाद जिला समर्पित कांग्रेस जन के संयोजक मृत्युंजय सिंह, धीरेंद्र सिंह और इरफानुल हक ने दी।
अलग-अलग जिलों में होगी परिचर्चा और विचार-विमर्श
आंदोलन की लामबंदी के लिए पहले चरण की शुरुआत औरंगाबाद से की गई है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में 19 अगस्त 2026 को नालंदा और तीसरे चरण में 24 अगस्त 2026 को भभुआ (कैमूर जिला) में कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
19 अगस्त को नालंदा जिले में समर्पित कांग्रेस जनों के बीच आपसी परिचर्चा और विचार-विमर्श होगा। दूसरे जिलों की तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
औरंगाबाद में आयोजित परिचर्चा के दौरान विभिन्न जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कथित उपेक्षा और भेदभाव के मामलों को लेकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करने की बात कही गई।
समर्पित कांग्रेस जनों ने कहा कि उनका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान कराना है।
बिहार स्तर पर आंदोलन के लिए बनाए गए संयोजक
बिहार प्रदेश स्तर पर समर्पित कांग्रेस जनों के आंदोलन के संचालन के लिए जमाल अहमद भल्लू, सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं पूर्व उपाध्यक्ष, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी तथा नागेन्द्र पासवान विकल, सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, पूर्व अध्यक्ष बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस, पूर्व महासचिव बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं अध्यक्ष चौकीदार, दफादार समिति बिहार को संयोजक बनाया गया है।
संयोजकों के सहयोग के लिए अनिल कुमार सिंह, पूर्व विधायक नालंदा, रामप्रीत राय, पूर्व विधायक पूर्वी चंपारण और छत्रपति यादव, स्वतंत्र पत्रकार, सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं पूर्व विधायक खगड़िया को मनोनीत किया गया है। अन्य पूर्व विधायकों के नामों की घोषणा बाद में किए जाने की बात कही गई।
वहीं, औरंगाबाद जिला समर्पित कांग्रेस जन के संचालन की जिम्मेदारी मृत्युंजय सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह और इरफानुल हक को दी गई है। शेष नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।
जिलाध्यक्ष के मनोनयन को लेकर उठाए सवाल
परिचर्चा और विचार-विमर्श के दौरान कहा गया कि संगठन सृजन के तहत जिलाध्यक्ष मनोनीत होने के बाद जिलेवार समर्पित और संघर्षरत कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हताशा और निराशा का माहौल है।
कार्यकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि दिल्ली दरबार के कथित जुगाड़ तंत्र और सिंडीकेट के सदस्यों ने चुनाव हारने के बाद भी अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए जिलाध्यक्ष का पद हासिल कर लिया।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि संगठन सृजन के तहत जिलाध्यक्ष के मनोनयन में गलत चुनाव कराए गए और बिहार प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी, सह प्रभारी तथा प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन सृजन के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक और राष्ट्रीय महासचिव संगठन को गुमराह करने का प्रयास किया।
इन मुद्दों को लेकर समर्पित कांग्रेस जनों ने बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, सह प्रभारी और बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को तत्काल हटाने तथा “बिहार कांग्रेस बचाओ” की मांग का प्रस्ताव पारित किया।
8 सितंबर को दिल्ली चलने की अपील
परिचर्चा एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम के संयोजक जमाल अहमद भल्लू ने कहा कि बिहार कांग्रेस में संशय और अनिश्चितता के माहौल में जिलेवार कांग्रेस संगठन मजबूत नहीं हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि समर्पित कांग्रेस जनों की आंतरिक पीड़ा को दूर करने के लिए जरूरी है कि सभी एकजुट होकर 8 सितंबर 2026 को दिल्ली चलें और धरना-प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय नेतृत्व का ध्यान इस ओर आकर्षित करें। उनका कहना है कि बिहार प्रभारी, सह प्रभारी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष को हटाकर बिहार कांग्रेस को बचाने की मांग की जानी चाहिए।
समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर देने की मांग
समर्पित कांग्रेस जनों के संयोजक नागेन्द्र पासवान विकल ने कहा कि जो समर्पित और संघर्षरत कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जिन्हें टिकट नहीं मिला, ऐसे कार्यकर्ताओं के बीच से जिला अध्यक्ष बनाने का अवसर मिलना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन सृजन के नाम पर बिहार और दिल्ली में बैठे कथित जुगाड़ तंत्र और सिंडीकेट के सदस्यों ने अपने-अपने जिलाध्यक्ष मनोनीत करवा लिए हैं। उनके अनुसार यह बिहार कांग्रेस के लिए न्यायोचित नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से दिल्ली चलकर न्यायोचित कार्रवाई की मांग करने की अपील की।
कांग्रेस संविधान को लागू नहीं किए जाने पर भी सवाल
पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि बिहार प्रदेश कांग्रेस वर्तमान समय में संक्रमण काल से गुजर रही है और बिहार प्रभारी, सह प्रभारी तथा बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वर्चस्व बनाए हुए हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “डरो मत” संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे नेतागण पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं और समर्पित कांग्रेस जनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिहार कांग्रेस में 2027 तक सदस्यता लागू है तथा प्रदेश डेलीगेट और जिला डेलीगेट निर्वाचित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि संगठन चुनाव में कांग्रेस संविधान को लागू क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भी सवाल उठाए। बैठक में आरोप लगाया गया कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और पांच सीटिंग विधायकों का टिकट काटकर दूसरे लोगों को दे दिया गया। इसके अलावा 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी को भी टिकट नहीं दिए जाने की बात कही गई।
बैठक में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूद
औरंगाबाद जिला समर्पित कांग्रेस जन की आपसी परिचर्चा एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम में कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनमें क्रमशः मृत्युंजय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष, राकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष, शैलेन्द्र दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष, अरविंद कुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष, धीरेंद्र कुमार सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष, किसान सेल, डॉ. अक्षय लाल पासवान, इरफान उल हक, पूर्व निदेशक, मध्य ग्रामीण बैंक, नवीन कुमार शर्मा, प्रोफेसर अंबिका पासवान, संतन सिंह, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष, राहुल मिश्रा, इंजीनियर युवराज गौरव, औरंगाबाद के वरिष्ठ नेता सूर्यदेव यादव, इरफानुल, मोहम्मद समीम, डॉ. अंबिका, श्याम बिहारी, शंकर प्रसाद, शैलेंद्र दुबे, रमेश प्रसाद, राम नरेश पाण्डेय, चंदन, बबलू सिंह, रंजीत सिंह, संतन, पूर्व अध्यक्ष, नीरज कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, शमशाद आलम, धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने, संगठन को मजबूत करने और समर्पित कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
