बिहार प्रदेश (26 सितंबर 2026)। महान अर्थशास्त्री और भारत के आर्थिक सुधारों के प्रणेता कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर गयाजी में कांग्रेस पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम स्थानीय चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल परिसर में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मनमोहन सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और देश के आर्थिक विकास में उनके योगदान को याद किया।
इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, प्रद्युम्न दुबे, कमलेश चंद्रवंशी, रूपेश चौधरी, अशोक राम सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह विश्वस्तरीय अर्थशास्त्री, प्रोफेसर, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर, केंद्रीय वित्त मंत्री और देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने 10 वर्ष के कार्यकाल के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधारों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेताओं ने उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस दौर में डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर विपक्ष की ओर से कई तरह के राजनीतिक आरोप लगाए गए थे। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि समय के साथ उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई और उनकी सार्वजनिक छवि एवं आर्थिक योगदान का महत्व सामने आया।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदार और विद्वान राजनेता के रूप में पहचान रही है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाना चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से भारतीय रिजर्व बैंक के भवन, नीति आयोग के भवन तथा देश के प्रमुख अर्थशास्त्र एवं आर्थिक अध्ययन संस्थानों में डॉ. मनमोहन सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी की।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, विद्वता और सार्वजनिक सेवा का उदाहरण रहा है। उनकी आर्थिक नीतियों और देश के विकास में योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
