बिहार प्रदेश (26 सितंबर 2026)। गया स्थित गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में विश्व गर्भनिरोधक दिवस 2026 के अवसर पर सेहत केंद्र की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. सहदेब बाउरी की अध्यक्षता में तथा सेहत केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका कुमारी के संचालन में आयोजित हुआ। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “कोई बाधा नहीं, बस विकल्प: गर्भनिरोधक तक पहुंच अब है” रखी गई।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियंका कुमारी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से गर्भनिरोधक उपायों, परिवार नियोजन और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिवार नियोजन के प्रमुख संकेतकों पर चर्चा करते हुए स्थायी एवं अस्थायी गर्भनिरोधक विधियों के बारे में छात्राओं को जानकारी दी।
उन्होंने पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के लाभ, सीमाओं, भ्रांतियों एवं तथ्यों को भी स्पष्ट किया। साथ ही परिवार नियोजन के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने और स्वस्थ परिवार की अवधारणा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. सहदेब बाउरी ने जनसंख्या नियंत्रण अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टॉमस रॉबर्ट माल्थस के जनसंख्या सिद्धांत की चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखना समाज और प्रकृति दोनों के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से बढ़ती जनसंख्या के कारण प्रकृति पर पड़ रहे दबाव, संसाधनों के दोहन और पर्यावरणीय असंतुलन की ओर छात्राओं का ध्यान आकर्षित किया।
डॉ. रश्मि ने “छोटा परिवार, सुखी परिवार” की अवधारणा को अपनाने और परिवार नियोजन के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी, एनएसएस वॉलेंटियर और छात्राएं उपस्थित रहीं। इनमें डॉ. जया चौधरी, डॉ. प्यारे मांझी, डॉ. फातिमा, डॉ. फरहीन वजीरी, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. सुरबाला कृष्णा, डॉ. प्रमिला कुमारी, डॉ. दीपिका, डॉ. सपना पांडे, डॉ. सीमा कुमारी सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहे।
वहीं एनएसएस वॉलेंटियर अनीषा, गीतांजलि, सिमरन, माधवी नंदन, अनु, अलीषा, सपना, संतोषी, तान्या, तब्बसुम, श्वेता, ब्यूटी, खुशबू सहित विभिन्न विभागों की छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक विकल्पों और जनसंख्या वृद्धि से जुड़े सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
