औरंगाबाद (बिहार), 6 अगस्त 2026: औरंगाबाद मंडल कारा में बंदियों के साथ कथित तौर पर हो रही अनियमितताओं और सुविधाओं में गड़बड़ी को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। माकपा के जिला सचिव कपिल कुमार सिंह ने इस मामले में जिलाधिकारी, औरंगाबाद को पत्र भेजकर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पत्र की एक प्रति पार्टी के राज्य सचिव को भी भेजी गई है।
बंदियों के आहार में गड़बड़ी का लगाया आरोप
माकपा जिला सचिव ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मंडल कारा में बंदियों को मिलने वाले आहार में भारी अनियमितता हो रही है। उनका कहना है कि जेल अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के संरक्षण में बंदियों के हिस्से का भोजन लूटा जा रहा है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि सीसीटीवी कैमरों के सामने ही दर्जनों निजी होटल संचालक, दलाल और कुछ दबंग बंदी अपनी गतिविधियां चला रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दूध से मिठाई और चाय बनाकर बेचने का भी आरोप
प्रतिबंधित खैनी की बिक्री का भी दावा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बंदियों को मिलने वाले दूध का इस्तेमाल कैंटीन में मिठाई और चाय बनाकर बेचने के लिए किया जा रहा है।
इसके अलावा मंडल कारा परिसर में प्रतिबंधित खैनी (तंबाकू) की खुलेआम बिक्री होने का भी आरोप लगाया गया है।
जेल में भय का माहौल होने का दावा
माकपा जिला सचिव का कहना है कि जेल अधीक्षक की कार्यशैली के कारण जेल के भीतर भय और आतंक का माहौल बना हुआ है। उनका आरोप है कि इसी वजह से कोई भी बंदी शिकायत करने या विरोध दर्ज कराने का साहस नहीं कर पाता।
जांच से पहले ही प्रशासन को मिल जाती है जानकारी
निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पत्र में यह भी कहा गया है कि जब कभी बाहरी जांच टीम मंडल कारा पहुंचती है, तो इसकी सूचना पहले ही जेल प्रशासन को मिल जाती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच की संभावना प्रभावित होती है।
माकपा ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और ईमानदारी से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वह सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। इसके लिए जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
