सिनेश राही का केंद्र और बिहार सरकार पर हमला, किसानों और छात्रों के मुद्दों पर उठाए सवाल

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मीडिया से बातचीत में सरकार की नीतियों पर जताई नाराज़गी

बिहार के मजदूर किसान संघ, औरंगाबाद के जिला अध्यक्ष सिनेश राही ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार और बिहार में सम्राट सरकार बनी है, तब से जनता के साथ हिटलरशाही रवैया अपनाते हुए शासन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता से हटाने की ज़रूरत है।

नीट परीक्षा और छात्र आंदोलन का किया ज़िक्र

सिनेश राही ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्र अपनी मांगों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि उस दौरान केंद्र सरकार की पुलिस ने छात्रों पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया।

उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार हिटलरशाही तरीके से शासन चला रही है।

बिहार की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

उन्होंने आगे कहा कि बिहार में भरत भूषण तिवारी, बंटी यादव और अन्य घटनाओं में भी बर्बरता देखने को मिली, जो सरकार के रवैये को दर्शाती है।

राही ने कहा कि बिहार और देश की जनता ने भरोसा और विश्वास के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सरकार को चुना था, लेकिन अब वही सरकार आम लोगों पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसी सरकार को सबक सिखाने की ज़रूरत है।

किसान, मजदूर और छात्रों की अनदेखी का लगाया आरोप

सिनेश राही ने कहा कि चाहे किसानों और मजदूरों की बात हो या छात्र-छात्राओं की समस्याएं, सरकार उनकी मांगें सुनने के बजाय हिटलरशाही रवैया अपना रही है।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औरंगाबाद की धरती से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन आज तक किसानों के खेतों तक “लाल पानी” नहीं पहुंच सका।

उनका आरोप है कि केंद्र और बिहार सरकार केवल बड़े-बड़े वादे करके जनता को गुमराह करना चाहती है, लेकिन अब लोग सरकार के रवैये को समझ चुके हैं।

सुखाड़ घोषित करने और किसानों को राहत देने की मांग

सिनेश राही ने कहा कि इस बार औरंगाबाद में मानसून के दौरान जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई। इसकी वजह से किसानों के खेतों में धान की बिचड़ी और रोपाई प्रभावित हुई है।

उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि क्षेत्र को सुखाड़ घोषित किया जाए या फिर किसानों के हित में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिला प्रशासन से भी की सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग

राही ने औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी से भी मांग की कि किसानों के हितों को देखते हुए उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से जल्द से जल्द खेतों तक सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

सिनेश राही ने कहा कि यदि सरकार किसानों, मजदूरों और छात्र-छात्राओं की मांगों को लगातार अनदेखा करती रही, तो मजदूर किसान संघ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा और पूरी एकजुटता के साथ अपने आंदोलन को और तेज करेगा।

उन्होंने बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, किसानों, मजदूरों और छात्र-छात्राओं से भी अपील की कि वे संगठित होकर साथ आएं और सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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