इंदिरा भवन में देशभर से जुटीं महिला कांग्रेस की नेता और कार्यकर्ता
झारखंड प्रदेश (22 जुलाई 2026): भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों की संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुईं।
धरने के दौरान महिलाओं ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के प्रभावी बनाने की मांग उठाई।
अलका लांबा बोलीं— यह आधी आबादी के सम्मान और अधिकार का सवाल
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि महिला आरक्षण किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी का सवाल है।
उन्होंने कहा कि संसद से पारित कानून को लागू करने में अनावश्यक देरी महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल अधिसूचना जारी कर महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत, संवेदनशील और समावेशी बनेगा।
महिला सशक्तिकरण और समान भागीदारी के समर्थन में लगे नारे
धरना-प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, समान राजनीतिक भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।
पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष का मजबूत संदेश देखने को मिला।
झारखंड से 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस प्रदर्शन में झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रमा खलखो के नेतृत्व में लगभग 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय भागीदारी की।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर सुंदरी तिर्की, धनबाद जिला अध्यक्ष सीता राणा, सिमडेगा जिला अध्यक्ष जोसीमा खाखा, रांची जिला अध्यक्ष मैरी तिर्की, प्रदेश महासचिव मीनू सिंह, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा, बोकारो जिला अध्यक्ष सुषमा कुमारी, सरायकेला जिला अध्यक्ष संगीता प्रधान, चाईबासा जिला अध्यक्ष नीतिमा बारी, जामताड़ा की सुलोचना वर्षा, खूंटी जिला अध्यक्ष सुनीता गोप, शशि टोप्पो, अन्नू बेग, अंजू लकड़ा, बीजों लकड़ा, अनीता देवी, सरिता देवी, सुमन देवी, पान पति देवी और मंगली देवी सहित कई महिला कांग्रेस नेत्रियाँ मौजूद रहीं।
पलामू समेत कई जिलों की कार्यकर्ताओं ने भी उठाई मजबूत आवाज
पलामू से सुमन तिर्की, सुनीता देवी, रीना लकड़ा तथा राज्य के अन्य महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रदर्शन में भाग लिया और महिला आरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता, संवैधानिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
कानून लागू होने तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक संघर्ष
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक महिला आरक्षण कानून पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक संगठन देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन देश की महिलाओं की एकजुटता, लोकतांत्रिक चेतना और समान अधिकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का मजबूत प्रतीक बनकर सामने आया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
