औरंगाबाद, बिहार | 16 सितंबर 2026: औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में हसपुरा थाना कांड संख्या 17/15 से जुड़े हत्या के एक मामले में अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज चतुर्थ दिव्या वशिष्ठ ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए सलेमपुर निवासी मुंडा शाह और मोईन शाह को भारतीय दंड विधान की धारा 302/149 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में तीन महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 147/149 के तहत दोनों को एक वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। अदालत के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
2015 में हुई थी हत्या
मामले की जानकारी देते हुए एपीपी विंदेश्वरी प्रसाद तांती ने बताया कि घटना को लेकर 5 फरवरी 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी सलेमपुर, हसपुरा निवासी मुन्ना शाह के बयान पर दर्ज हुई थी।
शिकायत के मुताबिक, 4 फरवरी 2015 की रात करीब 9 बजे कुछ लोग घर के सामने तेज आवाज में अश्लील गाना बजा रहे थे। मृतक अतीम शाह ने इसका विरोध करते हुए गाना बंद करने के लिए कहा था।
आरोप है कि विरोध करने पर अभियुक्तों ने लाठी और गंडासे से अतीम शाह पर हमला कर दिया। मारपीट में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। अभियुक्तों के वहां से चले जाने के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए हसपुरा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
दो दोषी, चार अभियुक्त बरी
अदालत ने 10 सितंबर 2026 को मुंडा शाह और मोईन शाह को मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद उनका बंधपत्र रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।
वहीं, मामले में आरोपी राजा शाह, शमसुर शाह, शहबुब शाह और ननछदा शाह को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया था।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला
सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से कम सजा और न्यूनतम जुर्माना देने का अनुरोध किया। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि दोनों अभियुक्त मजदूरी करते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुंडा शाह और मोईन शाह को उम्रकैद की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया। मामले में अदालत के इस फैसले के बाद 2015 में हुई हत्या से जुड़े मुकदमे की सुनवाई का यह चरण पूरा हो गया है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
