औरंगाबाद, बिहार: बिहार के औरंगाबाद स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में विजयदशमी के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। श्रीराम द्वारा रावण वध के मंचन के बाद शाम करीब छह बजे रावण के पुतले का दहन किया गया।
जैसे ही रावण दहन का कार्यक्रम शुरू हुआ, मैदान में मौजूद लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते पूरा गांधी मैदान जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। समारोह के दौरान लोगों में उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
सत्य की जीत और अधर्म के अंत का संदेश
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने रावण दहन को सत्य की विजय और अधर्म तथा असत्य के विनाश का प्रतीक बताया। लोगों का कहना था कि विजयदशमी का पर्व हमें अपनी बुराइयों को छोड़कर सत्य, धर्म और अच्छाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को विजयदशमी की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का माहौल बना रहा।

जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था की सराहना
रावण दहन कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की गई। समारोह को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में योगदान देने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को बुके देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद, वर्तमान सांसद, पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता भी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को दिया धन्यवाद
औरंगाबाद निवासी सुरेंद्र चौधरी, उपेंद्रनाथ और सुनील कुमार ने दुर्गा पूजा तथा विजयदशमी के दौरान की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और पूजा समिति के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सराहनीय योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक संबंधित लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इसके लिए उन्होंने जिलावासियों की ओर से जिला प्रशासन और पूजा समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लेने का संदेश
स्थानीय लोगों ने कहा कि विजयदशमी केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का अवसर भी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व पर ईमानदारी, सद्भाव और अच्छे आचरण के साथ जीवन जीने का संकल्प लें। उनके अनुसार, जब व्यक्ति अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने का प्रयास करता है, तभी विजयदशमी का वास्तविक संदेश सार्थक होता है।
औरंगाबाद के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम उत्साह और धार्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन ने लोगों को सत्य की राह पर चलने और समाज में अच्छाई को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
