गया। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ महारैली में शामिल होने के लिए गया से इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जत्था शनिवार को दिल्ली रवाना हुआ। कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम), भाकपा माले और वीआईपी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता अपने हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और विभिन्न नारों की तख्तियां लेकर गया जंक्शन पहुंचे।
इस दौरान स्टेशन परिसर में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी महाबोधि एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
दिल्ली जाने वालों में गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुन्ना, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, प्रदेश सचिव रंजीत कश्यप, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला उपाध्यक्ष दामोदर गोस्वामी, धर्मेंद्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, शिव कुमार चौरसिया, अर्जुन गुप्ता, नाथून पासवान, उमेश सिंह, शैलेन्द्र वर्मा, शशि किशोर शिशु, राजू कुमार, नवाब अली, अजहर उद्दीन, खालिद अमीन, अमित कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह, राजेश्वर पासवान, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, मदीना खातून, सैफुल्ल इस्लाम, अनुमती देवी, बृजेश राय, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह और नवीन कुमार समेत कई नेता शामिल रहे।
वहीं, सीपीआई की ओर से अरविन्द कुमार, शूकर मांझी, सुबोध शर्मा और श्रवण सिंह, जबकि सीपीआई (एम) की ओर से पीएन सिंह, राम खेलावन दास और समावेश पासवान दिल्ली रवाना हुए। राजद की ओर से जिला युवा अध्यक्ष अभय कुमार सिन्हा, विनोद प्रजापति और सर्वेश सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता भी इस जत्थे में शामिल रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की उठाएंगे मांग
दिल्ली रवाना होने से पहले गठबंधन के नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर इंडिया गठबंधन के सभी साथी रामलीला मैदान में जुटेंगे। वहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ किसी राजनीतिक दल का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज से देश के लोग नाराज हैं। इसी नाराजगी को लेकर देशभर के लोग दिल्ली में एकजुट होंगे।
दस लाख लोगों के जुटने का दावा
गठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में देश के अलग-अलग हिस्सों से कम से कम दस लाख लोग शामिल होंगे। रैली को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई के डी. राजा और भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई राष्ट्रीय नेता संबोधित करेंगे।
नेताओं ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्रों और युवाओं की भी बड़ी भागीदारी होगी। उनका दावा है कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठन एक साथ आकर लोकतंत्र और मताधिकार के मुद्दे पर आवाज बुलंद करेंगे।
आखिर में नेताओं ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ महारैली केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश देगी। उन्होंने इसे सरकार के लिए निर्णायक चुनौती बताते हुए दावा किया कि यह आंदोलन मोदी सरकार के जाने की आखिरी कील साबित होगा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
