बिहार, 2 नवंबर 2026: संभावना साहित्य मंच, बख्तियारपुर के तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को प्रख्यात साहित्यकार, कवि, नाटककार और उपन्यासकार स्वर्गीय तृप्ति नारायण शर्मा ‘तृप्त’ की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस मौके पर साहित्यिक समारोह और कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्यकारों, कवियों और संगीत प्रेमियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए उन्हें याद किया।
कार्यक्रम का आयोजन गुमटी पर राघोपुर स्थित ग्लोबल मैथमेटिक्स क्लासेस के कक्ष में किया गया। यह स्थान नंदन पैलेस-स्मार्ट प्वाइंट से दक्षिण की ओर है। समारोह में स्वर्गीय तृप्ति नारायण शर्मा के साहित्यिक और शैक्षणिक योगदान पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि वे आदर्श मध्य विद्यालय, बख्तियारपुर के पूर्व प्रधानाध्यापक भी रहे थे।
समारोह की अध्यक्षता श्री दिनेश अवस्थी ने की, जबकि मंच का संचालन श्री अरविंद अभिनव और डॉ. प्रणय कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं कवयित्री पूजा ऋतुराज की मगही सरस्वती वंदना से हुई।
इसके बाद कवियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं, गीतों और गजलों की प्रस्तुतियों से महफिल में साहित्यिक रंग जमाया। एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों के बीच पांच घंटे का समय कब गुजर गया, इसका एहसास तक श्रोताओं को नहीं हुआ।
पटना से पहुंचीं लोकगीत गायिका संगीता कुमारी ने अपने भजनों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, लोकगीत गायक अरुण कुमार गौतम ने अपने चर्चित अंदाज में ‘पटना में पिया जी मकान एगो चाहीं’ गीत पेश कर खूब तालियां बटोरीं और श्रोताओं का दिल जीत लिया।
समारोह का समापन वरिष्ठ साहित्यकार स्वर्गीय तृप्ति नारायण शर्मा के सुपुत्र कवि डॉ. रवीन्द्र कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर मंच पर श्री सुबोध कुमार (नालंदा), श्री भोला पाण्डेय, श्री गोपाल पाठक, श्री जितेन्द्र कुमार पाठक ‘चैतन्य’, श्री दिलीप कुमार, श्री रवि कुमार, श्री अरबिन्द प्रसाद, श्री कामता प्रसाद, प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, श्री अमित कुमार, सागर सलमान, श्री गुलशन कुमार, विवेकानंद कुमार, गणेश कुमार सिंह, श्री उज्ज्वल कुमार और श्री रंजीत कुमार सिंह सहित कई गणमान्य साहित्यकार एवं अतिथि मौजूद रहे। इनमें न्यू मगध मॉडर्न इंग्लिश एकेडमी के निदेशक गणेश कुमार सिंह और अवकाश प्राप्त शिक्षक गणेश कुमार सिंह का भी उल्लेख किया गया।
प्रेस की ओर से पत्रकार श्री अखिलेश कुमार और कवि उमेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने समारोह में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान साहित्य के विकास, स्थानीय साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कवि गोष्ठी में शामिल रचनाकारों ने अपनी मौलिक रचनाओं के जरिए श्रोताओं को साहित्यिक रस से सराबोर किया।
संभावना साहित्य मंच की ओर से आयोजित यह समारोह बख्तियारपुर की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
