SIR के खिलाफ CJP का बड़ा ऐलान, 7 नवंबर को कोच्चि में होगा ‘जंतर-मंतर’ जैसा प्रदर्शन

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कोच्चि, केरल: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केरल के कोच्चि में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन 7 नवंबर 2026 को कोच्चि के राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने इसे ‘Jantar Mantar at Kochi’ नाम दिया है। प्रदर्शन का मुख्य नारा है, “Save Democracy! Cancel SIR!”

CJP ने 5 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए SIR को तुरंत रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई है।

दिल्ली में नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पहला बड़ा प्रदर्शन

दिल्ली में पार्टी के कुछ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद CJP का यह पहला बड़ा सड़क आंदोलन माना जा रहा है। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए मतदाताओं के मतदान के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाना चाहती है।

प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख विजय मल्लंगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में विजय मल्लंगी को पार्टी का मीडिया और साउथ जोन लीड भी बताया गया है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए थे CJP नेता

गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में दिल्ली पुलिस ने CJP के कई नेताओं को हिरासत में लिया था। इनमें सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत अन्य लोग शामिल थे।

यह मामला 13 अक्टूबर की घटना से जुड़ा है। उस दिन CJP के कुछ नेता जंतर-मंतर पहुंचे थे, जिसे सरकार ने प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। वहां उन्होंने SIR में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दोनों को करीब एक हफ्ते जेल में रहना पड़ा।

21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें इस शर्त पर रिहा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी लागू रहने तक वे वहां कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके भी हुए थे गिरफ्तार

इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया था।

बाद में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। जमानत की शर्तों के मुताबिक, उन्हें अगले एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना होगा।

क्या है SIR और क्यों कर रही है CJP विरोध?

SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है, जिसे हिंदी में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कहा जाता है। इसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन करता है।

CJP का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं और इससे आम मतदाताओं के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी को लेकर पार्टी ने SIR को तत्काल रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।

हालांकि, ये CJP की राजनीतिक मांगें और आरोप हैं। इन्हें किसी अदालत के फैसले या चुनाव आयोग की ओर से स्वीकार की गई गड़बड़ी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इंडिया गठबंधन के मार्च का किया था समर्थन

CJP ने 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन के मार्च का समर्थन किया था। हालांकि, राहुल गांधी की अगुवाई में रामलीला मैदान में आयोजित रैली में पार्टी शामिल नहीं हुई थी।

इससे जाहिर होता है कि पार्टी ने इंडिया गठबंधन के मार्च के मुद्दे का समर्थन तो किया, लेकिन राहुल गांधी की रैली में शामिल होने से दूरी बनाए रखी।

दीवाली से पहले कोच्चि में होगा प्रदर्शन

CJP का यह प्रदर्शन 7 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जो दीवाली से पहले की तारीख है। हालांकि, पार्टी ने अपनी घोषणा में दीवाली को प्रदर्शन की वजह या किसी खास रणनीति का हिस्सा नहीं बताया है।

फिलहाल इस प्रदर्शन का मकसद SIR के खिलाफ आवाज उठाना और मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा उठाना है। पार्टी ने इसके लिए ‘Save Democracy! Cancel SIR!’ का नारा दिया है।

कुल मिलाकर, दिल्ली में अपने नेताओं की गिरफ्तारी के बाद CJP अब केरल के कोच्चि में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम में अभिजीत दीपके, विजय मल्लंगी और आफरीन नवाज के शामिल होने की जानकारी दी गई है। अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होते हैं और SIR के मुद्दे पर पार्टी का आंदोलन आगे क्या रुख अपनाता है।

रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क.

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