लखनऊ: अमेरिका से भारत लौटीं वैज्ञानिक और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की पूर्व सहायक प्रोफेसर डॉ. सबीहा परवीन ने समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ले ली है। 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा।
डॉ. सबीहा परवीन के सपा में शामिल होने के बाद मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक उन्हें इस सीट से उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में ली सदस्यता
डॉ. सबीहा परवीन ने सपा की सदस्यता लेने के बाद पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने पीडीए मिशन को मजबूत करने, लोकतंत्र की रक्षा करने और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वह केवल समाजवादी पार्टी में शामिल होने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव के आंदोलन का हिस्सा बनने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां लोग भारत छोड़कर विदेश जा रहे हैं, वहीं वह अमेरिका से वापस भारत आई हैं।
कुंदरकी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा
डॉ. सबीहा परवीन मूल रूप से मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के डोमघर गांव की रहने वाली हैं। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने इस इलाके में जमीनी स्तर पर काम करने और पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।
हालांकि, अभी तक सपा ने कुंदरकी सीट से उनके नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने की चर्चा तो है, लेकिन उन्हें पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार कहना फिलहाल सही नहीं होगा।
AMU से की केमिस्ट्री में पीएचडी
डॉ. सबीहा परवीन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि विज्ञान और अनुसंधान से जुड़ी रही है। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से केमिस्ट्री में पीएचडी की है। उनका शोध कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अणुओं के संश्लेषण पर केंद्रित था।
पीएचडी के बाद उन्होंने एएमयू के केमिस्ट्री विभाग में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम किया और स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को केमिस्ट्री पढ़ाई।
अमेरिका के NIH में वैज्ञानिक शोध से जुड़ी हैं
डॉ. सबीहा परवीन अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) में विजिटिंग फेलो हैं। उनका शोध अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों से जुड़े RT-QuIC सीड एम्प्लिफिकेशन असेज़ विकसित करने पर केंद्रित है।
उनकी अकादमिक और वैज्ञानिक पहचान के मुताबिक, उन्होंने इन बीमारियों से जुड़े शोध के क्षेत्र में काम किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी भूमिका विजिटिंग फेलो की बताई गई है। इसलिए यह दावा करना कि उन्होंने NIH में कई साल तक काम किया है, फिलहाल पूरी तरह पुष्ट नहीं है।
परिवार भी शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों से जुड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. सबीहा परवीन के पिता नौशे खां वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उनके बड़े भाई मोहम्मद शहरोज इंजीनियर हैं, जबकि दूसरे भाई मोहम्मद इरशाद ने एमबीए किया है। उनके छोटे भाई मोहम्मद शाहिद स्नातक हैं और कारोबार से जुड़े हुए हैं।
उनके पति डॉ. परवेज अली अमेरिका में वैज्ञानिक हैं। वह मूल रूप से संभल जिले के मुबारकपुर गांव के रहने वाले बताए जाते हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने की इच्छा
सपा में शामिल होने के बाद डॉ. सबीहा परवीन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्रों में काम करने की इच्छा जताई। उन्होंने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में लोगों के बीच रहकर काम करने और पार्टी की ओर से चुनावी जिम्मेदारी मिलने की मंशा भी जाहिर की।
उनकी वैज्ञानिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए सपा में उनकी एंट्री को एक नए चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कुंदरकी पर नजर
मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम मानी जाती है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. सबीहा परवीन की सपा में एंट्री के बाद इस सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, उनकी चुनावी भूमिका और उम्मीदवारी को लेकर अंतिम फैसला समाजवादी पार्टी को ही करना है। अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो चुनावी मैदान में उनकी वैज्ञानिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता भी अहम होगी।
फिलहाल इतना तय है कि डॉ. सबीहा परवीन ने सपा की सदस्यता ले ली है और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय होकर काम करने की इच्छा जताई है। लेकिन पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।
रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क.
