अरवल, बिहार: जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने मंगलवार को अरवल प्रखंड के खमैनी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय खभैनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, कक्षाओं के संचालन, पठन-पाठन की व्यवस्था और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी भी ली।
बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई का जाना हाल
डीएम ने विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, कक्षा में होने वाली गतिविधियों और शैक्षणिक प्रगति के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को स्वच्छता और अनुशासन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी गई।
पेयजल और शौचालय समेत सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की कक्षाओं और परिसर में साफ-सफाई की स्थिति देखी गई। जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विद्यालय में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का उन्हें सही तरीके से लाभ मिले और किसी तरह की कमी सामने आने पर समय रहते उसका समाधान किया जाए।
शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उनकी नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्कूल में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया, जहां बच्चे सहज माहौल में सीख सकें और अपनी क्षमता के मुताबिक आगे बढ़ सकें।
विद्यालय प्रबंधन और संबंधित पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया कि बच्चों के लिए उपलब्ध सभी सुविधाओं का समुचित इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पठन-पाठन की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
जिला प्रशासन के मुताबिक, जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण किया जा रहा है। ऐसे निरीक्षणों के जरिए विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
