औरंगाबाद (बिहार) : सोमवार, 27 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा, विद्युत संरचनाओं की चोरी रोकने और इस दिशा में अब तक हुई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए औरंगाबाद जिले से जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) बैठक में शामिल हुईं। उनके साथ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि कृषि फीडर, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर), एलटी एबी केबल, कंडक्टर और अन्य विद्युत संरचनाओं की चोरी या क्षति होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे राजस्व का नुकसान होता है, मरम्मत में अतिरिक्त समय और खर्च लगता है तथा किसानों और आम उपभोक्ताओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि पूरे बिहार में अब तक विद्युत संरचनाओं की क्षति के 1,228 मामले सामने आए हैं, जबकि 798 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इन घटनाओं में लगभग 42 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 2,748 किलोमीटर 11 केवी लाइन और 1,177 किलोमीटर एलटी एबी केबल चोरी या क्षति से प्रभावित हुई हैं। वहीं 1,680 वितरण ट्रांसफार्मर क्वायल या तेल चोरी की वजह से प्रभावित हुए हैं।
बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार औरंगाबाद जिले में अब तक विद्युत संरचना क्षति के 2 स्थान चिन्हित किए गए हैं और 2 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जिले में लगभग 3.70 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन और 2 किलोमीटर एलटी एबी केबल प्रभावित हुई है। राहत की बात यह रही कि जिले में ट्रांसफार्मर की क्वायल या तेल चोरी की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली संरचनाओं की चोरी और क्षति रोकने के लिए पुलिस और विद्युत विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए। चोरी प्रभावित इलाकों, कृषि फीडरों और विद्युत उपकेंद्रों के आसपास नियमित गश्त, लगातार निगरानी और विशेष चौकसी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दर्ज प्राथमिकी का जल्द अनुसंधान किया जाए, दोषियों के खिलाफ प्रभावी अभियोजन चलाया जाए और संगठित तरीके से चोरी करने वाले गिरोहों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के बाद औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में विद्युत अवसंरचनाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग और पुलिस-प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी चोरी या क्षति की घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और जिले में निर्बाध तथा गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएँ।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
