बिहार प्रदेश (28 जुलाई 2026) : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज, 28 जुलाई 2026 को गया रेलवे जंक्शन परिसर में कांग्रेस पार्टी के बैनर तले एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस धरने का मुख्य उद्देश्य गया रेलवे जंक्शन को रेलवे डिविजन का दर्जा दिलाने सहित वर्षों से लंबित कई अहम मांगों को सरकार के सामने मजबूती से उठाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुन्ना ने की। इस दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, सुनील कुमार पासवान, सैफुल इस्लाम, नवीन कुमार गुप्ता, उपेंद्र द्विवेदी, निरु देवी, सुनैना देवी, पूनम कुमारी, अंशु सिन्हा, नेयाज अशरफ, मोहम्मद शामिम, बाबूलाल प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि गया एक अति प्राचीन और अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला शहर है। विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास जगह रखने वाले पूर्व मध्य रेलवे के निर्माणाधीन वर्ल्ड क्लास गया रेलवे जंक्शन को अब रेलवे डिविजन का दर्जा मिलना चाहिए।
नेताओं ने मांग की कि गया से मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुरी समेत देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू की जाए। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों और खिलाड़ियों को रेलवे टिकट में पहले मिलने वाली रियायत, जिसे वर्षों पहले बंद कर दिया गया था, उसे फिर से बहाल किया जाए।
धरने में यह भी मांग उठी कि गया टाउन सीप एरिया के अंतर्गत आने वाले चाकंद, बेलागंज, ईश्वर चौधरी हॉल्ट, मानपुर, बंधुआ, पैमार, करजरा और कष्ठा रेलवे स्टेशनों का चहुंमुखी विकास किया जाए। साथ ही गया जिले की विभिन्न सड़कों पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सके।
नेताओं ने टेंपो और टोटो चालकों से 24 घंटे में एक बार 25 रुपये की ठेकेदारी वसूली पर भी सवाल उठाया और इसे समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गया रेलवे जंक्शन के विशाल भूखंड पर मॉल और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएँ, जिससे रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल से पैसेंजर ट्रेनों के नाम के साथ “स्पेशल” जोड़कर यात्रियों से एक्सप्रेस ट्रेन के बराबर किराया लिया जा रहा है। इस व्यवस्था को खत्म कर पहले की तरह सामान्य पैसेंजर ट्रेन का ही किराया लिया जाना चाहिए।
धरने में गया से पटना के लिए रात 8 बजे से 9 बजे के बीच एक नई पैसेंजर ट्रेन शुरू करने की भी मांग उठी। इसके अलावा गया रेलवे जंक्शन से बोधगया, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय और आईआईएम तक 24 घंटे लगातार रिंग बस सेवा चलाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
नेताओं का कहना था कि इन सभी मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण मध्य और दक्षिण बिहार के लोगों में भारी नाराज़गी और मायूसी है।
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गया रेलवे जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक से मिला और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम इन सभी मांगों से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
