गया, 24 अगस्त 2026: गया जिले में खाद की कमी और कथित कालाबाजारी को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। धान की रोपनी के समय डीएपी और यूरिया की जरूरत सबसे अधिक होती है, लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्हें सरकारी दर पर खाद आसानी से नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें बाजार से अधिक कीमत देकर खाद खरीदनी पड़ रही है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह समेत पार्टी के कई नेताओं ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खाद की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
सरकारी कीमत से काफी अधिक दाम पर मिल रही खाद
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि धान की रोपनी के मौजूदा समय में किसानों को डीएपी और यूरिया की बेहद जरूरत है। सरकारी स्तर पर डीएपी की कीमत 1,350 रुपये प्रति बोरा और यूरिया की कीमत 260 रुपये प्रति बोरा बताई गई है।
इसके बावजूद किसानों को बाजार में डीएपी के लिए करीब 2,100 से 2,400 रुपये और यूरिया के लिए 350 से 450 रुपये प्रति बोरा तक खर्च करना पड़ रहा है। नेताओं के मुताबिक, मजबूरी में किसान अपनी खेती बचाने के लिए ऊंची कीमत पर खाद खरीद रहे हैं।
पैक्स में कमी का हवाला, बाजार में पहुंचने की शिकायत
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई पैक्स में खाद की कमी या उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। उनका दावा है कि पैक्स से खाद स्थानीय बाजारों तक पहुंचाकर उसकी कथित तौर पर कालाबाजारी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उनका कहना है कि यदि खाद की सरकारी व्यवस्था के तहत किसानों तक पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो, तो उन्हें खुले बाजार में अधिक कीमत चुकाने की मजबूरी नहीं होगी।
डीएपी के साथ अतिरिक्त सामान देने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर डीएपी लेने वाले किसानों को खाद के साथ एक लिक्विड की बोतल भी लेने के लिए कहा जाता है। इसकी कीमत 300 से 600 रुपये तक बताई गई है।
इसके अलावा, एक किसान को केवल एक बोरा खाद दिए जाने की शिकायत भी नेताओं ने उठाई है। उनका कहना है कि खेती की जरूरत को देखते हुए इतनी कम मात्रा किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है।
सरकार और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से गया जिले में खाद की कमी दूर करने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया सरकारी निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जाए।
नेताओं ने कहा कि धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी का सीधा असर किसानों की खेती और उत्पादन पर पड़ सकता है। इसलिए खाद की आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने और किसानों को राहत देने की जरूरत है।
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में विजय कुमार मिट्ठू, मोहम्मद खान अली, बाबूलाल प्रसाद सिंह, युगल किशोर सिंह, राम प्रमोद सिंह, टिंकू गिरी, धर्मेंद्र कुमार निराला, अशोक यादव, सुनील कुमार पासवान और शिव कुमार चौरसिया समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
