बिहार, 2 सितंबर 2026: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया में आईपीएम के छठे बैच के ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनकी रोकथाम और एनडीपीएस मामलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बिहार पुलिस की एएनटीएफ टीम की ओर से एसपी एएनटीएफ राजेश कुमार, एएसपी इमरान परवेज और डीएसपी रमेश कुमार मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते खतरे से कराया अवगत
जागरूकता सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे, इसके सामाजिक दुष्प्रभाव और नशे की रोकथाम में व्यक्तिगत तथा सामूहिक जागरूकता की अहमियत के बारे में जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। ऐसे में युवाओं की जागरूकता और जिम्मेदारी नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एसपी एएनटीएफ ने साझा किया जांच और अभियान का अनुभव
सत्र के मुख्य वक्ता एसपी एएनटीएफ राजेश कुमार (आईपीएस) ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में अपने अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को एनडीपीएस मामलों की कार्यप्रणाली, खुफिया जानकारी जुटाने, ऑपरेशन और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों की गंभीरता और इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में एएसपी इमरान परवेज और डीएसपी रमेश कुमार मिश्रा की भी मौजूदगी रही।
कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं राजेश कुमार
एसपी एएनटीएफ राजेश कुमार को पुलिस विभाग में फील्ड और मुख्यालय, दोनों स्तरों पर काम करने का व्यापक अनुभव रहा है। उन्होंने एसडीपीओ दानापुर, एसडीपीओ सचिवालय, डीएसपी एसएसजी सीएम सिक्योरिटी, सिटी एसपी पटना वेस्ट, एसपी प्रोहिबिशन, एसपी नवगछिया और एसपी साइबर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
अपने सेवाकाल के दौरान उन्हें डीजी अवॉर्ड और सोनपुर अवॉर्ड समेत विभिन्न अवसरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
400 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
जागरूकता कार्यक्रम में IIM बोधगया के आईपीएम के करीब 400 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव और इससे जुड़ी सामाजिक चुनौतियों को समझने के साथ नशे से दूर रहने का संदेश भी लिया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई।
जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
यह जागरूकता सत्र विद्यार्थियों के लिए नशीले पदार्थों से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर रहा। साथ ही उन्हें यह संदेश भी दिया गया कि जागरूक युवा न केवल खुद को नशे से दूर रख सकते हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी इसके खिलाफ सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
आईपीएम के विद्यार्थियों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम एक जिम्मेदार, सजग और जागरूक नागरिक के रूप में उनकी भूमिका को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर सामने आया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
