पटना, बिहार: शिक्षक दिवस के मौके पर Teachers of Bihar की ओर से शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम समाज को शिक्षा के नए पहलुओं से जोड़ने के लिए पांच महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘लेट्स टॉक’ में शिक्षा, साहित्य, तकनीक, साइबर सुरक्षा और रचनात्मक संवाद से जुड़े कई कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन और मॉडरेशन डॉ. विनोद कुमार उपाध्याय ने किया। समारोह के दौरान टीचर्स ऑफ बिहार शिक्षक दिवस स्पेशल ऑनलाइन क्विज-2026, ‘शिक्षा के गुमनाम नायक’ पुस्तक के लिए कहानी आमंत्रण, शिक्षा विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ के साथ विशेष संवाद, ‘आंचलिका’ पत्रिका के कवर पेज का विमोचन और ‘मैं हूँ साइबरदूत’ कोर्स की शुरुआत की गई।
पांच हजार से अधिक प्रतिभागियों को डिजिटल सर्टिफिकेट
आयोजकों के मुताबिक, शिक्षक दिवस स्पेशल ऑनलाइन क्विज में पांच हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें शामिल प्रतिभागियों को डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
वहीं ‘शिक्षा के गुमनाम नायक’ पहल के जरिए उन शिक्षकों की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है, लेकिन उनके काम को व्यापक स्तर पर पहचान नहीं मिल सकी।
इस पहल के तहत शिक्षकों से उनकी प्रेरक कहानियां आमंत्रित की जा रही हैं। चयनित कहानियों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किए जाने की योजना है।
बिहार की क्षेत्रीय भाषाओं और लोक-संस्कृति को मिलेगा मंच
कार्यक्रम में ‘आंचलिका’ पत्रिका के कवर पेज का भी विमोचन किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह Teachers of Bihar की पहली पत्रिका होगी, जिसे बिहार की पांच प्रादेशिक भाषाओं, साहित्य और लोक-संस्कृति को समर्पित किया गया है।
इस पहल का मकसद बिहार की स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच देना है। इसके जरिए प्रदेश के अलग-अलग इलाकों की साहित्यिक और सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
‘मैं हूँ साइबरदूत’ से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर जोर
कार्यक्रम में ‘मैं हूँ साइबरदूत’ नामक कोर्स की भी शुरुआत हुई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी देने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है।
आज डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, साइबर ठगी और निजी जानकारी की सुरक्षा जैसे विषयों को लेकर जागरूकता बढ़ाना इस पहल का अहम हिस्सा बताया गया है।
नवाचार और संवाद को बढ़ावा देने पर जोर
Teachers of Bihar के फाउंडर शिव कुमार और टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने कहा कि शिक्षक दिवस पर शुरू की गई ये पहलें केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा में नवाचार, तकनीकी जागरूकता और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार और प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने कहा कि संस्था शिक्षकों को डिजिटल मंच उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनके मुताबिक, इन पहलों के माध्यम से शिक्षकों की प्रतिभा, अनुभव और नए प्रयोगों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सिकेन्द्र कुमार सुमन, मनीष कुमार, कुमार अभिषेक, अमितेश कुमार, पप्पू कुमार पंकज, अभिषेक कुमार, अनुपमा प्रियदर्शिनी, आस्था दीपाली, कनिष्का मुस्कान, भवानंद सिंह, राकेश वर्मा और मधु प्रिया समेत अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
आयोजकों का कहना है कि शिक्षक दिवस पर शुरू की गई ये पहलें शिक्षा के साथ साहित्य, तकनीक, साइबर सुरक्षा और संवाद को जोड़ने का प्रयास हैं। इनके जरिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई संभावनाओं से जोड़ने तथा समाज में शिक्षा को लेकर सकारात्मक संवाद बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
