गया, बिहार: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार, 6 सितंबर 2026 को गयाजी के प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर परिसर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना ने की।
बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह कार्यक्रम संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, विद्या शर्मा, सुनील कुमार पासवान, दामोदर गोस्वामी, अनुमती देवी, शर्मीला कुमारी, सैफुल इस्लाम, धीरज कुमार वर्मा, संजय कुमार चंद्रवंशी, मोहम्मद नवाब अली, अर्जुन गुप्ता, टिंकू गिरी, प्रदीप शर्मा, रंजीत कश्यप, नवल किशोर शर्मा और रंजीत सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राम मंदिर से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदे और चढ़ावे के कथित गबन तथा भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि राम मंदिर देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के सनातनियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से पहले ट्रस्ट की संरचना में बदलाव, भूमि खरीद और बाद में चंदे तथा चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। बैठक में इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
हालांकि, बैठक में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाने और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
गयाजी को रामायण सर्किट से जोड़ने की मांग
बैठक में गयाजी को रामायण सर्किट से जोड़े जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सीताकुंड का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रामायण परंपरा से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद गयाजी को अब तक रामायण सर्किट में शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेताओं के मुताबिक, गयाजी को रामायण सर्किट में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बैठक में बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा समेत अन्य धार्मिक स्थलों के साथ गयाजी को भी इस सर्किट में उचित स्थान देने की मांग दोहराई गई।
मगध से अयोध्या तक जनजागरण अभियान की तैयारी
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैठक में प्रस्तावित आंदोलन का खाका भी तैयार किया। इसके तहत मगध प्रमंडल मुख्यालय गया के ग्रामीण प्रखंडों में जनजागरण अभियान चलाने की बात कही गई है।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि अभियान के दौरान “चंदा चोरी उजागर करो” और “चंदा चोर गद्दी छोड़ो” जैसे नारों के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी। इसके बाद जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा और अरवल जिलों में भी अभियान का विस्तार करने की योजना है।
बैठक में आगे सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा सहित रामायण सर्किट से जुड़े इलाकों में कार्यक्रम आयोजित करने और आंदोलन को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक ले जाने का संकल्प लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाना, जांच की मांग करना और आम लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर जागरूकता पैदा करना है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
